Chhapra: गंगा, सरयू, सोन तथा गंडक नदियों के जलस्तर में लगातार उफान से सदर प्रखंड के दियारा एवं तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ का संकट गहराने लगा है।
प्रखंड की तीन पंचायतों के कई गांवों में पानी फैल जाने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। वहीं तटवर्ती इलाके के नेहाला टोला का सड़क संपर्क भी पानी के कारण भंग हो गया है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
नदियों के बढ़ते जलस्तर के साथ तेज हवा और वर्षा के कारण नदी की लहरें तटों से टकरा रही हैं। इसके चलते पुरातात्विक स्थल चिरांद, तिवारी घाट, नोकिया टोला समेत कई नदी किनारे बसे गांवों में कटाव तेज होने की सूचना है। कटाव को लेकर ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर और बढ़ा तो कई आबादी वाले क्षेत्रों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
इधर, कोटवापट्टीरामपुर पंचायत के मुखिया सत्येंद्र सिंह ने दियारा क्षेत्र में फंसे लोगों की सुरक्षा एवं जानमाल की रक्षा के लिए सदर अंचलाधिकारी से नाव उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति में नाव की उपलब्धता बेहद जरूरी है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा सके।
इस संबंध में संवाददाता द्वारा अंचलाधिकारी सदर से फोन पर संपर्क कर स्थिति की जानकारी लेने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे कोई जवाब नहीं मिल सका।



















