पटना, 26 जुलाई (हि.स.)। जन सुराज के सूत्रधार और बांकीपुर से उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने रविवार को पत्रकार वार्ता कर बांकीपुर उपचुनाव में जीविका दीदियों द्वारा भाजपा का प्रचार करने पर रोक लगाने समेत कई मुद्दों पर बात रखी। छपरा हिं’सा पर पुलिस का बड़ा एक्शन, उपद्रवियों की तस्वीरें जारी; पहचान बताने की अपील प्रशांत किशोर ने कहा कि हम लोग सिर्फ चुनाव आयोग को डेलीगेशन भेजकर या प्रेस वार्ता कर रुकने वाले नहीं हैं। भाजपा ने एक हजार वर्कर, नेता, अभिनेता लगाए हैं वह उनका अधिकार है, लोकतंत्र में सभी पार्टी का अधिकार है कि जो भी लोकतांत्रिक तरीके से सही है वो कर सकते हैं। जनता उसे देखेगी कि एक प्रशांत किशोर को हराने के लिए बांकीपुर में भाजपा को कितनी ताकत लगानी पड़ रही है। कितने नेता-संसाधन लगाने पड़ रहे हैं। एक तरीके से जन सुराज के हम लोग इसे अपनी जीत मानते हैं। जो भाजपा के नेता, विधायक, सांसद और मंत्री अपने क्षेत्र में नहीं जा रहे थे। कम से कम चुनाव परिणाम आने से पहले ही ये लोग बांकीपुर की जनता के पास जा तो रहे हैं। प्रशांत किशोर ने कहा कि यह बड़ी लोकतांत्रिक जीत है। यह जीत जन सुराज की नहीं बल्कि बांकीपुर के उन मतदाताओं की है जिन्होंने यह तय कर लिया है कि वो किसी राजनीतिक दल के किसी विचारधारा के बंधुआ मजदूर नहीं हैं। उनके पास विकल्प है तो उसे जांचेंगे-परखेंगे अगर सही लगेगा तो मतदान भी करेंगे। उन्होंने कहा कि यहां तक तो ठीक है राजनीति में आप 500 नेता बुलाइए, हमें दिक्कत नहीं है। लड़ाई लड़ी जाएगी। दिक्कत यह है कि आप प्रशासन का इस्तेमाल सिर्फ दबाव बनाने के लिए नहीं कर रहे हैं। हम लोग जानते हैं कि जिसकी सरकार रहती है थोड़ा बहुत वह दूसरों को परेशान करते हैं। जन सुराज के जो लोग होटलों में रुके हैं, अपने खर्चे से भी आएं हैं, हर दिन उन होटलों में रेड हो रहा है। पदभार संभालते ही एक्शन में शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पहली समीक्षा बैठक प्रशांत किशोर ने कहा कि भाजपा के लोग और इलेक्शन कमीशन यह बताए कि भाजपा के लोग यहां आकाश में रुके हैं। आखिर उन होटलों पर रेड क्यों नहीं हो रहा है? उनसे क्यों नहीं पूछा जा रहा है कि आपका बिल कौन दे रहा है? भाजपा के इतने लोग आए हैं उनके रहने-खाने का पैसा कौन दे रहा है? यह भी तो बताइए। प्रशांत किशोर ने कहा कि कल जो घटना हुई है पटना के डीएम ने जो ऑफिशियल ट्वीट करके वही घिनौना काम किया जो नवंबर 2025 विधानसभा चुनाव में हुआ था। वोटरों के जागरूकता के नाम पर जो सरकार के हॉफ पेड कर्मचारी जीविका दीदियां हैं उनके जरिए महिलाओं तक फिर से पहुंच कर उनको यह बताना कि अगर आप राजग-भाजपा को वोट नहीं देंगे तो सरकारी सुविधाएं जैसे आपका अनाज-पेंशन सब बंद कर दिया जाएगा। कल पूरे दिन जीविका दीदियां बैठक करके घर-घर जाकर यह बता रही हैं कि अगर आप भाजपा को वोट नहीं करेंगी तो सरकार से मिलने वाली सारी सुविधाएं बंद कर दी जाएंगी। और यह तब हुआ है जब पटना के डीएम ने यह ट्वीट किया है कि जीविका दीदियों को यहां लगाया गया है उनको जिम्मा दिया है कि वे घर-घर जाएं, महिलाओं के बीच में बैठकर जागरूकता के नाम पर भाजपा के लिए वोट मांगे। प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ में की सीतामढ़ी की ‘वेस्ट टू वेल्थ’ पहल की तारीफ़, मुख्यमंत्री ने जताया आभार प्रशांत किशोर ने कहा कि इलेक्शन कमीशन से हम लोगों के साथी दो बार मिल चुके हैं। आज हम लोग फिर ऑब्जर्वर से मिलेंगे। हमारे साथियों ने बताया कि अधिकारियों ने कहा कि वे बिल्कुल आश्चर्य चकित हैं क्योंकि चुनाव में सिर्फ सरकारी कर्मचारी भाग ले सकते हैं। अर्ध सरकारी जीविका दीदियों का चुनाव में भाग लेना, उनको ऑफिसियली हिस्सा बनाना यह सरासर बेईमानी है। बिहार के लोगों के साथ लोकतंत्र के साथ और बांकीपुर की जनता के साथ। आज हम लोग इलेक्शन कमीशन के पास जाएंगे उनको अंतिम 24 घंटे का मौका दे रहे हैं अगर कल तक जीविका दीदियों को इलेक्शन की प्रक्रिया से दूर नहीं किया तो हम सब इलेक्शन कमीशन के सामने धरने पर बैठेंगे।
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पटना, 26 जुलाई (हि.स.)। जन सुराज के सूत्रधार और बांकीपुर से उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने रविवार को पत्रकार वार्ता कर बांकीपुर उपचुनाव में जीविका दीदियों द्वारा भाजपा का प्रचार करने पर रोक लगाने समेत कई मुद्दों पर बात रखी।
प्रशांत किशोर ने कहा कि हम लोग सिर्फ चुनाव आयोग को डेलीगेशन भेजकर या प्रेस वार्ता कर रुकने वाले नहीं हैं। भाजपा ने एक हजार वर्कर, नेता, अभिनेता लगाए हैं वह उनका अधिकार है, लोकतंत्र में सभी पार्टी का अधिकार है कि जो भी लोकतांत्रिक तरीके से सही है वो कर सकते हैं। जनता उसे देखेगी कि एक प्रशांत किशोर को हराने के लिए बांकीपुर में भाजपा को कितनी ताकत लगानी पड़ रही है। कितने नेता-संसाधन लगाने पड़ रहे हैं। एक तरीके से जन सुराज के हम लोग इसे अपनी जीत मानते हैं। जो भाजपा के नेता, विधायक, सांसद और मंत्री अपने क्षेत्र में नहीं जा रहे थे। कम से कम चुनाव परिणाम आने से पहले ही ये लोग बांकीपुर की जनता के पास जा तो रहे हैं।
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प्रशांत किशोर ने कहा कि यह बड़ी लोकतांत्रिक जीत है। यह जीत जन सुराज की नहीं बल्कि बांकीपुर के उन मतदाताओं की है जिन्होंने यह तय कर लिया है कि वो किसी राजनीतिक दल के किसी विचारधारा के बंधुआ मजदूर नहीं हैं। उनके पास विकल्प है तो उसे जांचेंगे-परखेंगे अगर सही लगेगा तो मतदान भी करेंगे। उन्होंने कहा कि यहां तक तो ठीक है राजनीति में आप 500 नेता बुलाइए, हमें दिक्कत नहीं है। लड़ाई लड़ी जाएगी। दिक्कत यह है कि आप प्रशासन का इस्तेमाल सिर्फ दबाव बनाने के लिए नहीं कर रहे हैं। हम लोग जानते हैं कि जिसकी सरकार रहती है थोड़ा बहुत वह दूसरों को परेशान करते हैं। जन सुराज के जो लोग होटलों में रुके हैं, अपने खर्चे से भी आएं हैं, हर दिन उन होटलों में रेड हो रहा है।
प्रशांत किशोर ने कहा कि भाजपा के लोग और इलेक्शन कमीशन यह बताए कि भाजपा के लोग यहां आकाश में रुके हैं। आखिर उन होटलों पर रेड क्यों नहीं हो रहा है? उनसे क्यों नहीं पूछा जा रहा है कि आपका बिल कौन दे रहा है? भाजपा के इतने लोग आए हैं उनके रहने-खाने का पैसा कौन दे रहा है? यह भी तो बताइए।
प्रशांत किशोर ने कहा कि कल जो घटना हुई है पटना के डीएम ने जो ऑफिशियल ट्वीट करके वही घिनौना काम किया जो नवंबर 2025 विधानसभा चुनाव में हुआ था। वोटरों के जागरूकता के नाम पर जो सरकार के हॉफ पेड कर्मचारी जीविका दीदियां हैं उनके जरिए महिलाओं तक फिर से पहुंच कर उनको यह बताना कि अगर आप राजग-भाजपा को वोट नहीं देंगे तो सरकारी सुविधाएं जैसे आपका अनाज-पेंशन सब बंद कर दिया जाएगा। कल पूरे दिन जीविका दीदियां बैठक करके घर-घर जाकर यह बता रही हैं कि अगर आप भाजपा को वोट नहीं करेंगी तो सरकार से मिलने वाली सारी सुविधाएं बंद कर दी जाएंगी। और यह तब हुआ है जब पटना के डीएम ने यह ट्वीट किया है कि जीविका दीदियों को यहां लगाया गया है उनको जिम्मा दिया है कि वे घर-घर जाएं, महिलाओं के बीच में बैठकर जागरूकता के नाम पर भाजपा के लिए वोट मांगे।
प्रशांत किशोर ने कहा कि इलेक्शन कमीशन से हम लोगों के साथी दो बार मिल चुके हैं। आज हम लोग फिर ऑब्जर्वर से मिलेंगे। हमारे साथियों ने बताया कि अधिकारियों ने कहा कि वे बिल्कुल आश्चर्य चकित हैं क्योंकि चुनाव में सिर्फ सरकारी कर्मचारी भाग ले सकते हैं। अर्ध सरकारी जीविका दीदियों का चुनाव में भाग लेना, उनको ऑफिसियली हिस्सा बनाना यह सरासर बेईमानी है। बिहार के लोगों के साथ लोकतंत्र के साथ और बांकीपुर की जनता के साथ। आज हम लोग इलेक्शन कमीशन के पास जाएंगे उनको अंतिम 24 घंटे का मौका दे रहे हैं अगर कल तक जीविका दीदियों को इलेक्शन की प्रक्रिया से दूर नहीं किया तो हम सब इलेक्शन कमीशन के सामने धरने पर बैठेंगे।
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