कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने 20 जुलाई की रात करीब 10 बजे अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक लंबा वीडियो संदेश जारी कर दिल्ली में हुए छात्र-युवा प्रदर्शन का समर्थन किया। उन्होंने प्रदर्शन में शामिल युवाओं की खुलकर सराहना की और केंद्र सरकार तथा दिल्ली पुलिस पर तीखे आरोप लगाए। महुआ मोइत्रा ने अपने संदेश में कहा कि “आज अमित शाह दिल्ली पुलिस कमिश्नर से पूछ रहे होंगे— ‘कितने आदमी थे?’ आपने उन्हें दिखा दिया, जेन-ज़ी, आपने उन्हें दिखा दिया।” उन्होंने कहा कि यह उन सभी युवाओं के लिए “बड़ा सलाम” है, जो जंतर-मंतर, जनपथ, पटेल चौक, प्रेस क्लब और अन्य स्थानों पर प्रदर्शन में शामिल हुए, लाठीचार्ज और आंसू गैस का सामना किया और डटे रहे। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान कई युवाओं ने पुलिस कार्रवाई के वीडियो रिकॉर्ड किए, जिसकी वजह से, उनके अनुसार, “गोदी मीडिया अब सच्चाई छिपा नहीं सकेगा।” उन्होंने आरोप लगाया कि वीडियो में दिल्ली पुलिस के जवान खुद पत्थर उठाकर प्रदर्शनकारियों पर फेंकते हुए दिखाई दिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि पुलिस प्रदर्शनकारियों की पिटाई करते हुए अपशब्दों का इस्तेमाल कर रही थी। महुआ मोइत्रा ने सवाल उठाते हुए कहा, “क्या यह अमित शाह की भाषा है या अमित शाह की वर्दी?” प्रधानमंत्री आवास के पास धरने पर बैठे राहुल और प्रियंका समेत कांग्रेस नेता हिरासत में लिए गए महुआ मोइत्रा ने कहा कि 20 जुलाई का प्रदर्शन ऐतिहासिक था, क्योंकि यह किसी एक नेता या राजनीतिक दल के नेतृत्व में नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि “इसका नेतृत्व न सोनम वांगचुक ने किया, न अभिजीत भान ने और न ही किसी राजनेता ने। वहां कोई नेता नहीं था। यह सरकार से जवाबदेही मांगने के लिए युवाओं का स्वतःस्फूर्त गुस्सा था।” उन्होंने प्रदर्शन में शामिल युवाओं से कहा कि “आज जो आपने शुरू किया है, उसे रातोंरात खत्म मत होने दीजिए। इसे उसके तार्किक अंजाम तक ले जाइए। सरकार से जवाबदेही मांगिए और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग जारी रखिए।” सारण पुलिस ने विशेष अभियान में 71 अभियुक्तों को किया गिरफ्तार महुआ मोइत्रा ने कहा कि सरकार ने इस तरह के बड़े जनसमर्थन की कल्पना नहीं की थी। उनके अनुसार, सरकार को लगा था कि केवल दो हजार या पांच हजार लोग आएंगे, लेकिन बड़ी संख्या में युवाओं के जुटने से सरकार चौंक गई। उन्होंने कहा, “आप लोगों ने आज इतिहास रच दिया है। कृपया इसे जारी रखिए। विपक्ष यह नहीं कर सकता, राजनेता यह नहीं कर सकते। यह केवल इस देश के युवा ही कर सकते हैं। आपके साथ अहिंसा है, आपके साथ सच्चाई है और देर-सबेर सरकार को आपकी बात सुननी ही पड़ेगी।” बिहार में मुख्यमंत्री आवास, सचिवालय और स्कूलों को ब’म से उड़ाने की धम’की, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया कि सरकार यह मान बैठी है कि वह हर मुद्दे पर बच निकल सकती है और युवाओं के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ कर सकती है। उन्होंने कहा कि यदि युवा लगातार शांतिपूर्ण ढंग से सड़कों पर अपनी आवाज उठाते रहे तो सरकार पर दबाव बढ़ेगा। उन्होंने कहा, “देखते हैं कि वे कब तक लाठियां चलाते हैं, कब तक बल प्रयोग करते हैं। पूरी दुनिया यह देखे कि यहां क्या हो रहा है।” अपने संदेश के अंत में महुआ मोइत्रा ने प्रदर्शन में शामिल सभी युवाओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा, “यह तो सिर्फ शुरुआत है। शानदार दिन के लिए आप सभी का धन्यवाद।”
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कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने 20 जुलाई की रात करीब 10 बजे अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक लंबा वीडियो संदेश जारी कर दिल्ली में हुए छात्र-युवा प्रदर्शन का समर्थन किया। उन्होंने प्रदर्शन में शामिल युवाओं की खुलकर सराहना की और केंद्र सरकार तथा दिल्ली पुलिस पर तीखे आरोप लगाए।
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महुआ मोइत्रा ने अपने संदेश में कहा कि “आज अमित शाह दिल्ली पुलिस कमिश्नर से पूछ रहे होंगे— ‘कितने आदमी थे?’ आपने उन्हें दिखा दिया, जेन-ज़ी, आपने उन्हें दिखा दिया।” उन्होंने कहा कि यह उन सभी युवाओं के लिए “बड़ा सलाम” है, जो जंतर-मंतर, जनपथ, पटेल चौक, प्रेस क्लब और अन्य स्थानों पर प्रदर्शन में शामिल हुए, लाठीचार्ज और आंसू गैस का सामना किया और डटे रहे।
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उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान कई युवाओं ने पुलिस कार्रवाई के वीडियो रिकॉर्ड किए, जिसकी वजह से, उनके अनुसार, “गोदी मीडिया अब सच्चाई छिपा नहीं सकेगा।” उन्होंने आरोप लगाया कि वीडियो में दिल्ली पुलिस के जवान खुद पत्थर उठाकर प्रदर्शनकारियों पर फेंकते हुए दिखाई दिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि पुलिस प्रदर्शनकारियों की पिटाई करते हुए अपशब्दों का इस्तेमाल कर रही थी। महुआ मोइत्रा ने सवाल उठाते हुए कहा, “क्या यह अमित शाह की भाषा है या अमित शाह की वर्दी?”
महुआ मोइत्रा ने कहा कि 20 जुलाई का प्रदर्शन ऐतिहासिक था, क्योंकि यह किसी एक नेता या राजनीतिक दल के नेतृत्व में नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि “इसका नेतृत्व न सोनम वांगचुक ने किया, न अभिजीत भान ने और न ही किसी राजनेता ने। वहां कोई नेता नहीं था। यह सरकार से जवाबदेही मांगने के लिए युवाओं का स्वतःस्फूर्त गुस्सा था।”
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उन्होंने प्रदर्शन में शामिल युवाओं से कहा कि “आज जो आपने शुरू किया है, उसे रातोंरात खत्म मत होने दीजिए। इसे उसके तार्किक अंजाम तक ले जाइए। सरकार से जवाबदेही मांगिए और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग जारी रखिए।”
महुआ मोइत्रा ने कहा कि सरकार ने इस तरह के बड़े जनसमर्थन की कल्पना नहीं की थी। उनके अनुसार, सरकार को लगा था कि केवल दो हजार या पांच हजार लोग आएंगे, लेकिन बड़ी संख्या में युवाओं के जुटने से सरकार चौंक गई।
उन्होंने कहा, “आप लोगों ने आज इतिहास रच दिया है। कृपया इसे जारी रखिए। विपक्ष यह नहीं कर सकता, राजनेता यह नहीं कर सकते। यह केवल इस देश के युवा ही कर सकते हैं। आपके साथ अहिंसा है, आपके साथ सच्चाई है और देर-सबेर सरकार को आपकी बात सुननी ही पड़ेगी।”
महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया कि सरकार यह मान बैठी है कि वह हर मुद्दे पर बच निकल सकती है और युवाओं के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ कर सकती है। उन्होंने कहा कि यदि युवा लगातार शांतिपूर्ण ढंग से सड़कों पर अपनी आवाज उठाते रहे तो सरकार पर दबाव बढ़ेगा। उन्होंने कहा, “देखते हैं कि वे कब तक लाठियां चलाते हैं, कब तक बल प्रयोग करते हैं। पूरी दुनिया यह देखे कि यहां क्या हो रहा है।”
अपने संदेश के अंत में महुआ मोइत्रा ने प्रदर्शन में शामिल सभी युवाओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा, “यह तो सिर्फ शुरुआत है। शानदार दिन के लिए आप सभी का धन्यवाद।”
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