Chhapra: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा लागू किए गए त्रिभाषा सूत्र का विद्या भारती बिहार ने स्वागत किया है। विद्या भारती बिहार के प्रदेश सचिव रामलाल सिंह ने कहा कि यह पहल विद्यार्थियों को भाषाई, सांस्कृतिक एवं बौद्धिक रूप से समृद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप लागू किया गया त्रिभाषा सूत्र विद्यार्थियों को मातृभाषा, भारतीय भाषाओं तथा अंतरराष्ट्रीय भाषाओं का संतुलित ज्ञान प्रदान करेगा। इससे बच्चों में अपनी संस्कृति, परंपरा एवं भारतीय ज्ञान प्रणाली के प्रति सम्मान की भावना विकसित होगी। साथ ही वे वैश्विक स्तर पर संवाद और प्रतिस्पर्धा के लिए भी सक्षम बनेंगे। प्रधानमंत्री आवास के पास धरने पर बैठे राहुल और प्रियंका समेत कांग्रेस नेता हिरासत में लिए गए रामलाल सिंह ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति उसकी भाषा और संस्कृति में निहित होती है। मातृभाषा में शिक्षा प्राप्त करने से बच्चों की समझ, अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। उन्होंने कहा कि त्रिभाषा सूत्र विद्यार्थियों को “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना से भी जोड़ेगा तथा विभिन्न राज्यों और संस्कृतियों के प्रति सम्मान विकसित करेगा। सारण पुलिस ने विशेष अभियान में 71 अभियुक्तों को किया गिरफ्तार उन्होंने स्पष्ट किया कि सीबीएसई की इस व्यवस्था में किसी भाषा को थोपने का प्रयास नहीं किया जा रहा है। बोर्ड पहले से ही अनेक भारतीय एवं विदेशी भाषाओं का विकल्प उपलब्ध करा रहा है। बिहार में मुख्यमंत्री आवास, सचिवालय और स्कूलों को ब’म से उड़ाने की धम’की, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट विद्या भारती बिहार के प्रदेश सचिव श्री सिंह ने अभिभावकों, शिक्षकों एवं समाज से अपील की कि वे बच्चों को बहुभाषिक शिक्षा के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि “अधिक भाषाएं, अधिक समझ और बेहतर भविष्य” की सोच ही विकसित भारत के निर्माण का आधार बनेगी।
खबर सुनें
▶ Press play to listen
⚠️ आपका ब्राउज़र Text-to-Speech को सपोर्ट नहीं करता।
Chhapra: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा लागू किए गए त्रिभाषा सूत्र का विद्या भारती बिहार ने स्वागत किया है। विद्या भारती बिहार के प्रदेश सचिव रामलाल सिंह ने कहा कि यह पहल विद्यार्थियों को भाषाई, सांस्कृतिक एवं बौद्धिक रूप से समृद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप लागू किया गया त्रिभाषा सूत्र विद्यार्थियों को मातृभाषा, भारतीय भाषाओं तथा अंतरराष्ट्रीय भाषाओं का संतुलित ज्ञान प्रदान करेगा। इससे बच्चों में अपनी संस्कृति, परंपरा एवं भारतीय ज्ञान प्रणाली के प्रति सम्मान की भावना विकसित होगी। साथ ही वे वैश्विक स्तर पर संवाद और प्रतिस्पर्धा के लिए भी सक्षम बनेंगे।
रामलाल सिंह ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति उसकी भाषा और संस्कृति में निहित होती है। मातृभाषा में शिक्षा प्राप्त करने से बच्चों की समझ, अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। उन्होंने कहा कि त्रिभाषा सूत्र विद्यार्थियों को “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना से भी जोड़ेगा तथा विभिन्न राज्यों और संस्कृतियों के प्रति सम्मान विकसित करेगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सीबीएसई की इस व्यवस्था में किसी भाषा को थोपने का प्रयास नहीं किया जा रहा है। बोर्ड पहले से ही अनेक भारतीय एवं विदेशी भाषाओं का विकल्प उपलब्ध करा रहा है।
विद्या भारती बिहार के प्रदेश सचिव श्री सिंह ने अभिभावकों, शिक्षकों एवं समाज से अपील की कि वे बच्चों को बहुभाषिक शिक्षा के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि “अधिक भाषाएं, अधिक समझ और बेहतर भविष्य” की सोच ही विकसित भारत के निर्माण का आधार बनेगी।
chhapratoday.com सारण जिले से संचालित सबसे पहली और लोकप्रिय न्यूज़ वेबसाइट है। वर्ष 2012 से यह अपने पाठकों/दर्शकों तक हर दिन सबसे पहले छपरा, सारण से लेकर देश, विदेश के ब्रेकिंग न्यूज़, लोकल घटनाएं, रेलवे टाइमिंग अपडेट, सरकारी योजनाएं, स्कूल-कॉलेज जानकारी, ट्रेंडिंग वीडियो, संस्कृति, त्यौहार और शहर के विकास से जुड़े हर अपडेट करती आ रही है। हर खबर, सबसे पहले, सबसे सटीक और विश्वसनीयता के साथ केवल chhapratoday.com पर पढ़ें।