Chhapra: सारण जिले के छपरा सदर अस्पताल समेत पांच सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों के लिए अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार छपरा सदर अस्पताल, सोनपुर अनुमंडलीय अस्पताल, मढ़ौरा अनुमंडलीय अस्पताल, बनियापुर रेफरल अस्पताल और दरियापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में यह सुविधा शुरू की गई है। इससे आसपास के प्रखंडों और ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को काफी लाभ मिल रहा है। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं और अन्य मरीजों को निजी जांच केंद्रों पर निर्भर रहने से राहत मिली है।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मिली मजबूती
जिला स्वास्थ्य समिति के जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) अरविंद कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने के लिए जिले के कुछ अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में भी अल्ट्रासाउंड सुविधा शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए आवश्यक संसाधन और तकनीकी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा जिले में स्त्री रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों की भी नियुक्ति की गई है, जिससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिली है। अब गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, प्रसव पूर्व देखभाल और स्त्री रोग से संबंधित उपचार सरकारी अस्पतालों में ही बेहतर तरीके से संभव हो रहा है।
90 प्रतिशत से अधिक आवश्यक दवाएं उपलब्ध
जिले के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जिला स्वास्थ्य समिति के अनुसार सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में औसतन 90 प्रतिशत से अधिक आवश्यक दवाएं उपलब्ध हैं, जिससे मरीजों को बाहर से दवाएं खरीदने की जरूरत काफी हद तक कम हुई है।
मरीजों को मिल रही राहत
मढ़ौरा की रहने वाली गर्भवती महिला रेखा देवी ने बताया कि पहले अल्ट्रासाउंड कराने के लिए बाहर जाना पड़ता था, जिससे काफी खर्च भी होता था। अब सरकारी अस्पताल में ही यह जांच हो जाती है, जिससे उन्हें काफी राहत मिली है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी सही तरीके से जांच कर रहे हैं।
सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने में मदद
बनियापुर प्रखंड की आशा कार्यकर्ता संगीता देवी ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध होने से गर्भवती महिलाओं की समय पर जांच संभव हो रही है। आशा कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर महिलाओं को अस्पताल में जांच कराने के लिए प्रेरित कर रही हैं। अब यह सुविधा नजदीक में मिलने से महिलाएं आसानी से अस्पताल पहुंच रही हैं, जिससे सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने में मदद मिल रही है।















