खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले लोगों के लिए आज शनिवार का दिन बेहद खास होने जा रहा है। दरअसल, आज (10 जनवरी) एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना होने जा रही है, जिसमें परिक्रमा करते हुए सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह बृहस्पति (जुपिटर), हमारा ग्रह पृथ्वी और सूर्य तीनों एक सरल रेखा (सीध) में आ रहे हैं, जिससे बृहस्पति हमसे नजदीक होने के कारण सबसे तेज चमक के साथ अपेक्षाकृत बड़ा दिखने जा रहा है। दोपहर 2 बजकर 4 मिनट पर बृहस्पति, पृथ्वी और सूर्य एक सीध में होंगे दोपहर 2 बजकर 4 मिनट पर बृहस्पति, पृथ्वी और सूर्य एक सीध में होंगे। इस समय जुपिटर की पृथ्वी से दूरी लगभग 63 करोड़ 30 लाख 76 हजार किलोमीटर (सबसे कम) होगी। दूरी कम होने के कारण गुरुदर्शन का यह सबसे अच्छा अवसर होगा। इस कारण जुपिटर सबसे अधिक चमकीला और अपेक्षाकृत बड़ा दिखाई देगा। रिविलगंज: चोरी की बाइक, अवैध हथियार व कारतूस बरामद, दो गिरफ्तार बिना किसी टेलिस्कोप के जुपिटर को शाम को चमकते हुए पूर्व दिशा में देख सकते हैं आप बिना किसी टेलिस्कोप के जुपिटर को शाम को चमकते हुए पूर्व दिशा में देख सकते हैं, लेकिन अगर आप टेलिस्कोप से देखेंगे तो इसकी डिस्क की पटिटकाओं को तथा इसके चार गैलिलियन मून को भी देख पाएंगे। इस घटना के समय जुपिटर माइनस 2.68 के मैग्नीटयूड से चमक रहा होगा। राजेन्द्र कॉलेज एलुमनाई एसोसिएशन की पहल: 1976 बैच के पूर्व छात्रों ने ताज़ा कीं सुनहरी यादें बृहस्पति जिसे गुरु भी कहते हैं, इस समय आकाश में मिथुन तारामंडल में है। यह शाम को उदित होने के बाद रातभर आकाश में रहकर मध्यरात्रि में सिर के ठीक उपर होगा तथा सुबह पश्चिम में अस्त हो जाएगा। खगोल प्रेमियों के लिए यह सुनहरा मौका है, जब पृथ्वी और बृहस्पति एक-दूसरे के आमने-सामने होंगे, इसलिए गुरुदर्शन का यह अवसर चूकिए मत। लोक गायिका मनीषा श्रीवास्तव को उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार बृहस्पति हमारे ग्रह पृथ्वी से लगभग 11 गुना चौड़ा है। अगर हमारी पृथ्वी को हम अंगूर के आकार की मानें तो जुपिटर का आकार बास्केट बॉल के आकार का होगा। जुपिटर की सूर्य से इतनी ज्यादा दूरी है कि सूर्यप्रकाश इस तक पहुंचने में लगभग 43 मिनट लगते हैं। जुपिटर के अब तक 95 चंद्रमा खोजे जा चुके हैं।
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खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले लोगों के लिए आज शनिवार का दिन बेहद खास होने जा रहा है। दरअसल, आज (10 जनवरी) एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना होने जा रही है, जिसमें परिक्रमा करते हुए सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह बृहस्पति (जुपिटर), हमारा ग्रह पृथ्वी और सूर्य तीनों एक सरल रेखा (सीध) में आ रहे हैं, जिससे बृहस्पति हमसे नजदीक होने के कारण सबसे तेज चमक के साथ अपेक्षाकृत बड़ा दिखने जा रहा है।
दोपहर 2 बजकर 4 मिनट पर बृहस्पति, पृथ्वी और सूर्य एक सीध में होंगे
दोपहर 2 बजकर 4 मिनट पर बृहस्पति, पृथ्वी और सूर्य एक सीध में होंगे। इस समय जुपिटर की पृथ्वी से दूरी लगभग 63 करोड़ 30 लाख 76 हजार किलोमीटर (सबसे कम) होगी। दूरी कम होने के कारण गुरुदर्शन का यह सबसे अच्छा अवसर होगा। इस कारण जुपिटर सबसे अधिक चमकीला और अपेक्षाकृत बड़ा दिखाई देगा।
बिना किसी टेलिस्कोप के जुपिटर को शाम को चमकते हुए पूर्व दिशा में देख सकते हैं
आप बिना किसी टेलिस्कोप के जुपिटर को शाम को चमकते हुए पूर्व दिशा में देख सकते हैं, लेकिन अगर आप टेलिस्कोप से देखेंगे तो इसकी डिस्क की पटिटकाओं को तथा इसके चार गैलिलियन मून को भी देख पाएंगे। इस घटना के समय जुपिटर माइनस 2.68 के मैग्नीटयूड से चमक रहा होगा।
बृहस्पति जिसे गुरु भी कहते हैं, इस समय आकाश में मिथुन तारामंडल में है। यह शाम को उदित होने के बाद रातभर आकाश में रहकर मध्यरात्रि में सिर के ठीक उपर होगा तथा सुबह पश्चिम में अस्त हो जाएगा। खगोल प्रेमियों के लिए यह सुनहरा मौका है, जब पृथ्वी और बृहस्पति एक-दूसरे के आमने-सामने होंगे, इसलिए गुरुदर्शन का यह अवसर चूकिए मत।
बृहस्पति हमारे ग्रह पृथ्वी से लगभग 11 गुना चौड़ा है। अगर हमारी पृथ्वी को हम अंगूर के आकार की मानें तो जुपिटर का आकार बास्केट बॉल के आकार का होगा। जुपिटर की सूर्य से इतनी ज्यादा दूरी है कि सूर्यप्रकाश इस तक पहुंचने में लगभग 43 मिनट लगते हैं। जुपिटर के अब तक 95 चंद्रमा खोजे जा चुके हैं।
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