Chhapra: जय प्रकाश विश्वविद्यालय स्नातकोत्तर शिक्षक संघ (JPVSSS) के आह्वान पर आज विश्वविद्यालय परिसर में शिक्षकों ने बिहार सरकार द्वारा प्रस्तावित बिहार राज्य विश्वविद्यालय विधेयक, 2026 के विरोध में काला बिल्ला धारण कर शांतिपूर्ण सांकेतिक प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर आयोजित आपातकालीन बैठक में शिक्षकों ने प्रस्तावित विधेयक पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए इसे राज्य की उच्च शिक्षा व्यवस्था, विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता तथा शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के हितों के लिए अत्यंत घातक बताया।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि अंगीभूत महाविद्यालयों को विश्वविद्यालयों से अलग कर उच्च शिक्षा विभाग के अधीन लाने का प्रस्ताव विश्वविद्यालयों की एकीकृत शैक्षणिक व्यवस्था को कमजोर करेगा। इससे स्नातक एवं स्नातकोत्तर शिक्षा के बीच स्थापित अकादमिक समन्वय प्रभावित होगा तथा शोध, नवाचार एवं गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
शिक्षक संघ ने निम्नलिखित प्रमुख आपत्तियाँ दर्ज कराईं
विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक स्वायत्तता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) की भावना एवं उद्देश्यों के विपरीत यह प्रस्ताव शिक्षकों और विद्यार्थियों की शैक्षणिक निरंतरता को बाधित करेगा।
समान UGC योग्यता एवं चयन प्रक्रिया से नियुक्त शिक्षकों के लिए अलग-अलग सेवा शर्तें संविधान के अनुच्छेद 14 एवं 16 की भावना के विपरीत होंगी।
करियर एडवांसमेंट स्कीम (CAS), पदोन्नति, शोध पर्यवेक्षण, NAAC प्रत्यायन तथा विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता प्रभावित होगी l
प्रस्तावित विधेयक के विरोध स्वरूप शिक्षकों ने अपने-अपने शैक्षणिक एवं प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए काला बिल्ला धारण कर शांतिपूर्ण एवं सांकेतिक प्रदर्शन किया तथा विश्वविद्यालय की स्वायत्तता एवं उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने का संकल्प दोहराया।
संघ ने महामहिम राज्यपाल-सह-कुलाधिपति, माननीय मुख्यमंत्री एवं माननीय उच्च शिक्षा मंत्री से आग्रह किया कि प्रस्तावित विधेयक पर पुनर्विचार करते हुए विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता तथा राज्य के लाखों विद्यार्थियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए। संघ ने स्पष्ट किया कि यदि शिक्षकों एवं विश्वविद्यालयों के संवैधानिक अधिकारों की अनदेखी की गई, तो राज्य के विश्वविद्यालय शिक्षक व्यापक एवं लोकतांत्रिक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
विरोध प्रदर्शन में प्रो. इरफान अली, प्रो. सुशील श्रीवास्तव, प्रो. अजीत कुमार तिवारी, प्रो. गजेन्द्र सिंह, प्रो. सरफराज अहमद, प्रो. आर. पी. श्रीवास्तव, प्रो. पूनम सिंह, प्रो. मनोज कुमार, प्रो. गुणसागर यादव, प्रो. हरिश्चंद, डॉ. अभय कुमार सिंह, डॉ. अनिल कुमार गोप, डॉ. नीतू सिंह, डॉ. रुचि त्रिपाठी, डॉ. विकास चौहान सहित विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षक उपस्थित थे।



















