⚡
Breaking News

दुनिया संकट से गुजर रही, भारत ‘पावर टू एंपावर’ की सोच से आगे बढ़ रहा : प्रधानमंत्री मोदी

4 Min Read

SHAILFORD
विज्ञापन

j alankar
विज्ञापन

नई दिल्ली, 13 अक्टूबर (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि संकटों से गुजर रही दुनिया में भारत एक अलग मिजाज और सोच के साथ काम कर रहा है और इसके केंद्र में ‘पावर टू एंपावर’ है। भारत आज वैश्विक भलाई और भरोसे का पर्याय बन गया है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने भारत की लोकतांत्रिक शक्ति और मुद्दों पर खुलकर चर्चा करने की सोच को भी रेखांकित किया और कहा कि आज डिजिटल तकनीक इसमें बड़ी भूमिका निभा रही है।

DOON
विज्ञापन

प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमिक फोरम में भारत के लोकतांत्रिक विमर्श, डिजिटल समावेशन और वैश्विक चुनौतियों से निपटने के अपने दृष्टिकोण को सामने रखा। दुनिया भर से आए प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि इस मंच पर तकनीक, ऊर्जा और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होती है। इस वर्ष पहली बार भारत में हो रहे आयोजन के लिए उन्होंने ब्लूमबर्ग और उसकी टीम को बधाई दी।

Tanishq Chhapra
विज्ञापन

वैश्विक चुनौतियों पर प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन चीजों ने दुनिया को आपस में जोड़ा था, वे अब हथियार के रूप में इस्तेमाल हो रही हैं। आपूर्ति शृंखला, ऊर्जा, खनिज और तकनीक दबाव बनाने तथा प्रभुत्व स्थापित करने के माध्यम बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत ऐसे समय में दुनिया के सामने भरोसे से जुड़े बड़े सवालों का समाधान लेकर चल रहा है।

SOLANKI SCHOOL
विज्ञापन

मोदी ने कहा कि भारत ने अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन, आपदा-रोधी बुनियादी ढांचे के लिए गठबंधन, बिग कैट एलायंस, वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन, भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे और मिशन लाइफ जैसी पहलें दुनिया के सामने रखी हैं। उन्होंने इन पहलों को ऐसे प्रयासों के रूप में प्रस्तुत किया, जिनसे व्यापक स्तर पर लोगों को लाभ मिल सकता है।

उन्होंने कहा कि आज डेटा, ज्ञान और नवाचार शक्ति के प्रमुख स्रोत हैं। महत्वपूर्ण यह है कि इनका इस्तेमाल किस तरह किया जाता है। इसी से ‘पावर टू एम्पावर’ यानी शक्ति के जरिए दूसरों को सशक्त बनाने का विचार सामने आता है। उन्होंने कहा कि यह भारतीय परंपरा का हिस्सा रहा है और भारत ने इसे शासन तथा कार्य संस्कृति में लागू किया है।

मोदी ने कहा कि भारत में 100 से अधिक भाषाएं, 80 हजार से अधिक समाचार पत्र और प्रकाशन तथा एक हजार से अधिक सैटेलाइट टीवी चैनल हैं। देश में यू-ट्यूब और इंस्टाग्राम के 50-50 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता हैं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक बहस में डिजिटल माध्यमों की भूमिका लगातार बढ़ रही है।

प्रधानमंत्री ने विदेशी मेहमानों से भारत के डिजिटल भुगतान तंत्र को आजमाने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह तकनीक के समावेशन की ताकत दिखाती है। डिजिटल भुगतान का मंच सड़क किनारे ठेला लगाने वाले और महंगे शोरूम चलाने वाले दोनों को जोड़ता है।

नवाचार के बढ़ते अवसरों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि 2014 से पहले देश में कुछ ही स्टार्टअप थे, जबकि अब इनकी संख्या ढाई लाख से अधिक हो गई है। उनके अनुसार, देश में अधिक से अधिक प्रतिभाएं सामने आ रही हैं और नवाचार के अवसर बढ़ रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 700 अरब डॉलर तक पहुंच गया है और देश का बैंकिंग तंत्र मजबूत है। उन्होंने कहा कि भारत में सुधारों की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है और ये सुधार किसी दबाव में नहीं, बल्कि दृढ़ विश्वास के साथ किए जा रहे हैं।

हमारे सोशल मीडिया अकाउंट को फॉलो करें -

bhawani tiles
विज्ञापन
Share This Article
chhapratoday.com सारण जिले से संचालित सबसे पहली और लोकप्रिय न्यूज़ वेबसाइट है। वर्ष 2012 से यह अपने पाठकों/दर्शकों तक हर दिन सबसे पहले छपरा, सारण से लेकर देश, विदेश के ब्रेकिंग न्यूज़, लोकल घटनाएं, रेलवे टाइमिंग अपडेट, सरकारी योजनाएं, स्कूल-कॉलेज जानकारी, ट्रेंडिंग वीडियो, संस्कृति, त्यौहार और शहर के विकास से जुड़े हर अपडेट करती आ रही है। हर खबर, सबसे पहले, सबसे सटीक और विश्वसनीयता के साथ केवल chhapratoday.com पर पढ़ें।
ब्रेकिंग न्यूज़ अलर्ट छपरा की हर बड़ी खबर सबसे पहले पाएं
WhatsApp जॉइन करें जॉइन करें ✕