नई दिल्ली, 15 मई (हि.स.)। विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने शुक्रवार को ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक के एक सत्र की अध्यक्षता की। इसका विषय ‘वैश्विक शासन और बहुपक्षीय प्रणाली में सुधार’ था। इस दौरान विदेश मंत्री ने यह आपस में पहले से कहीं अधिक जुड़ी हुई, जटिल और बहुध्रुवीय दुनिया में विश्वसनीय और सुधार आधारित बहु पक्षवाद की आवश्यकता पर जोर दिया। जयशंकर ने कहा कि भारत का संदेश स्पष्ट है कि सहयोग अनिवार्य है, संवाद आवश्यक है और सुधार की जरूरत बहुत पहले से ही रही है। भारत मंडपम में आयोजित बैठक में ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों के बीच जयशंकर ने इस बात पर प्रकाश डाला कि संयुक्त राष्ट्र सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए पहले से तय एजेंडे पर लिखित रूप में बातचीत होनी चाहिए। अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संरचना में सुधार की तत्काल आवश्यकता है, इससे बहुपक्षीय विकास बैंक ज्यादा जवाब दे मजबूत और सक्षम बना सकेंगे साथ ही विकास और जलवायु वित्त तक पहुंच को बढ़ाने की भी आवश्यकता है। ग्लोबल मार्केट से कमजोरी के संकेत, एशिया में भी बिकवाली का दबाव जयशंकर ने एक बार फिर नियम आधारित निष्पक्ष, खुली एवं समावेशी अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रणाली के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि इसके केंद्र में विश्व व्यापार संगठन है। व्यापार प्रणाली ऐसी होनी चाहिए जो गैर बाजार प्रथाओं, आपूर्ति श्रृंखलाओं के केंद्रीकरण और अनिश्चित बाजार पहुंच जैसी चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हो। इतिहास के पन्नों में 10 जून : जब कपिल देव की टीम ने लॉर्ड्स में रचा था इतिहास आज का पंचांग | राशिफल | अधिक ज्येष्ठ कृष्णपक्ष दशमी
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नई दिल्ली, 15 मई (हि.स.)। विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने शुक्रवार को ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक के एक सत्र की अध्यक्षता की। इसका विषय ‘वैश्विक शासन और बहुपक्षीय प्रणाली में सुधार’ था। इस दौरान विदेश मंत्री ने यह आपस में पहले से कहीं अधिक जुड़ी हुई, जटिल और बहुध्रुवीय दुनिया में विश्वसनीय और सुधार आधारित बहु पक्षवाद की आवश्यकता पर जोर दिया। जयशंकर ने कहा कि भारत का संदेश स्पष्ट है कि सहयोग अनिवार्य है, संवाद आवश्यक है और सुधार की जरूरत बहुत पहले से ही रही है।
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भारत मंडपम में आयोजित बैठक में ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों के बीच जयशंकर ने इस बात पर प्रकाश डाला कि संयुक्त राष्ट्र सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए पहले से तय एजेंडे पर लिखित रूप में बातचीत होनी चाहिए। अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संरचना में सुधार की तत्काल आवश्यकता है, इससे बहुपक्षीय विकास बैंक ज्यादा जवाब दे मजबूत और सक्षम बना सकेंगे साथ ही विकास और जलवायु वित्त तक पहुंच को बढ़ाने की भी आवश्यकता है।
जयशंकर ने एक बार फिर नियम आधारित निष्पक्ष, खुली एवं समावेशी अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रणाली के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि इसके केंद्र में विश्व व्यापार संगठन है। व्यापार प्रणाली ऐसी होनी चाहिए जो गैर बाजार प्रथाओं, आपूर्ति श्रृंखलाओं के केंद्रीकरण और अनिश्चित बाजार पहुंच जैसी चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हो।
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