गोपालगंज, 03 जनवरी (हि.स.)। विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग तमिलनाडु से अपनी ऐतिहासिक यात्रा पर निकलते हुए अब बिहार में प्रवेश कर चुका है। उत्तर प्रदेश–बिहार सीमा पार कर जैसे ही यह भव्य शिवलिंग गोपालगंज पहुंचा, श्रद्धालुओं ने फूलों की वर्षा, शंख-नाद, ढोल-नगाड़ों और “हर-हर महादेव” के जयकारों के साथ उसका दिव्य स्वागत किया। वैभव सूर्यवंशी बने भारतीय टीम के लिए चुने जाने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी यह यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, भक्ति और सनातन संस्कृति की विराट झलक प्रस्तुत कर रही है। शिवलिंग पूर्वी चंपारण में निर्माणाधीन विराट रामायण मंदिर की ओर अग्रसर है और शनिवार व रविवार को गोपालगंज जिले से होकर गुजरेगा। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में श्रद्धालु जगह-जगह पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठान कर रहे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि इतनी विशाल और अलौकिक शिवलिंग को देखने का सौभाग्य उन्हें जीवन में पहली बार प्राप्त हुआ है। शिवलिंग की यात्रा को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात की व्यापक व्यवस्था की है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। यह ऐतिहासिक यात्रा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक एकता, आस्था और परंपराओं की जीवंत तस्वीर भी प्रस्तुत कर रही है। आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 शृंखला के लिए भारतीय टीम घोषित, श्रेयस अय्यर बने कप्तान गोपालगंज से होते हुए यह भव्य शिवलिंग अब अपने अंतिम पड़ाव पूर्वी चंपारण की ओर बढ़ रहा है, जहां इसे विराट रामायण मंदिर में स्थापित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि यह विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग तमिलनाडु के महाबलीपुरम में तैयार किया गया है। इसकी ऊंचाई 33 फीट और वजन लगभग 210 टन है। इसे काले ग्रेनाइट के एक ही पत्थर से तराशा गया है, जिसके निर्माण में करीब 10 वर्ष का समय लगा। यह अद्वितीय शिवलिंग आज सनातन संस्कृति और धार्मिक आस्था का प्रतीक बनकर पूरे देश में श्रद्धा और उत्साह का संचार कर रहा है। अंडर-18 एशिया कप : जापान को 4-1 से हराकर भारतीय पुरुष हॉकी टीम बनी चैंपियन
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गोपालगंज, 03 जनवरी (हि.स.)। विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग तमिलनाडु से अपनी ऐतिहासिक यात्रा पर निकलते हुए अब बिहार में प्रवेश कर चुका है। उत्तर प्रदेश–बिहार सीमा पार कर जैसे ही यह भव्य शिवलिंग गोपालगंज पहुंचा, श्रद्धालुओं ने फूलों की वर्षा, शंख-नाद, ढोल-नगाड़ों और “हर-हर महादेव” के जयकारों के साथ उसका दिव्य स्वागत किया।
यह यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, भक्ति और सनातन संस्कृति की विराट झलक प्रस्तुत कर रही है। शिवलिंग पूर्वी चंपारण में निर्माणाधीन विराट रामायण मंदिर की ओर अग्रसर है और शनिवार व रविवार को गोपालगंज जिले से होकर गुजरेगा। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में श्रद्धालु जगह-जगह पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठान कर रहे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि इतनी विशाल और अलौकिक शिवलिंग को देखने का सौभाग्य उन्हें जीवन में पहली बार प्राप्त हुआ है।
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शिवलिंग की यात्रा को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात की व्यापक व्यवस्था की है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। यह ऐतिहासिक यात्रा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक एकता, आस्था और परंपराओं की जीवंत तस्वीर भी प्रस्तुत कर रही है।
गोपालगंज से होते हुए यह भव्य शिवलिंग अब अपने अंतिम पड़ाव पूर्वी चंपारण की ओर बढ़ रहा है, जहां इसे विराट रामायण मंदिर में स्थापित किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि यह विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग तमिलनाडु के महाबलीपुरम में तैयार किया गया है। इसकी ऊंचाई 33 फीट और वजन लगभग 210 टन है। इसे काले ग्रेनाइट के एक ही पत्थर से तराशा गया है, जिसके निर्माण में करीब 10 वर्ष का समय लगा। यह अद्वितीय शिवलिंग आज सनातन संस्कृति और धार्मिक आस्था का प्रतीक बनकर पूरे देश में श्रद्धा और उत्साह का संचार कर रहा है।
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