Chhapra: भारत की जनगणना 2027 के तहत तैयार की जा रही जिला जनगणना हस्तपुस्तिका (डीसीएचबी) के आंकड़ा अपलोडिंग का कार्य पूरा हो गया है. जिला पदाधिकारी सह जिला जनगणना अधिकारी वैभव श्रीवास्तव के निदेश पर जिले के 1735 राजस्व ग्राम का डेटा कुल 588 फील्ड फंक्शनरीज ने अपने मोबाइल ऐप के माध्यम से सबमिट कर दिया. जिले के कुल तीस शहरी और ग्रामीण चार्ज के अंतर्गत यह कार्य निर्धारित अंतिम तिथि के एक दिन पूर्व पूरा कर लिया गया.
आंकड़ों की शुद्धता, प्रमाणिकता जांच का कार्य शुरू
चार्ज अधिकारी स्तर पर अब आंकड़ों की शुद्धता, प्रमाणिकता और गुणवत्ता की जांच का कार्य शुरू कर दिया गया है. इसी क्रम में जनगणना कार्य निदेशालय, बिहार के सहायक निदेशक अंगद सिंह ने रविवार को सारण जिले का दौरा कर अपलोड किए गए आंकड़ों की समीक्षा की. सहायक निदेशक ने एकमा बाजार नगर पंचायत, एकमा प्रखंड और मांझी नगर पंचायत चार्ज का निरीक्षण करते हुए राजस्व ग्रामवार संकलित आंकड़ों के फाइनल सबमिशन को देखा. उन्होंने आंकड़ों के स्रोत की जांच करने के साथ ही वास्तविक और अपलोड किए गए आंकड़ों के मिलान का निदेश दिया.
क्रॉस चेकिंग के बाद ही करना होगा अप्रूव
उन्होंने चार्ज अधिकारियों को निर्देश दिया कि क्षेत्र पदाधिकारियों द्वारा पोर्टल पर अपलोड किए गए प्रत्येक आंकड़े की क्रॉस चेकिंग कर उसकी प्रमाणिकता सुनिश्चित की जाए. उन्होंने स्पष्ट कहा कि जांच से संतुष्ट हुए बिना किसी भी डेटा को अंतिम रूप से अप्रूव नहीं किया जाए. पहले चरण में चार्ज अधिकारी सभी ग्रामवार डेटा का 2011 के आंकड़े से अन्तर के आधार पर फिल्टर करें. उसके बाद विभिन्न विभागों से प्राप्त डेटा और पोर्टल पर अपलोड डेटा का मिलान करें. दूसरे चरण में सभी अंतरों को एक साथ चिन्हित कर फील्ड फंक्शनरीज को रिवर्ट करें. रिवर्ट का कार्य मात्र एक ही बार किया जा सकता है. उसके बाद डेटा सीधे सर्वर पर चला जाएगा. इसलिए इस कार्य को बहुत ही सावधानी से करें. उन्होंने कहा कि डीसीएचबी के आंकड़े भविष्य की योजनाओं, विकास कार्यों और प्रशासनिक जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण आधार होंगे. ऐसे में आंकड़ों में शुद्धता और विश्वसनीयता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए. उन्होंने चार्ज अधिकारी को अंतिम अप्रूवल के संबंध में निदेशालय के निर्देश का इंतजार करने को कहा.
डेटा जांच के बाद ही मैप पर कार्य
डीसीओ जिला नोडल पदाधिकारी अदिति आनंद और सहयोगी पदाधिकारी आयुषी सिंह ने प्रत्येक चार्ज को दिल्ली से प्राप्त वर्किंग मैप पर स्थानीय जनसुविधाओं की इंडेक्स नंबरिंग के माध्यम से स्थलीय मार्किंग कराने का निदेश दिया. उन्होंने कहा कि मैप पर मार्किंग का कार्य ग्राम और नगर निर्देशिका के डेटा जांच के बाद ही किया जाए. इससे त्रुटि की संभावना नहीं रहेगी. अधिकारियों ने कहा कि सारण के डीसीएचबी को शून्य त्रुटि के साथ आदर्श और उदाहरण के रूप में तैयार करने का लक्ष्य है. मौके पर एकमा बीडीओ डाॅ अरुण कुमार, एकमा बाजार व मांझी नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी राहुल राज आदि उपस्थित थे.


















