Breaking News

इतिहास के पन्नों में 11 जून : अमर क्रांतिकारी राम प्रसाद बिस्मिल की जयंती, जिनकी कलम और क्रांति ने जगाई स्वतंत्रता की अलख

CT Bihar Desk
3 Min Read
खबर सुनें
▶ Press play to listen

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में 11 जून का दिन विशेष महत्व रखता है। इसी दिन वर्ष 1897 में उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में महान क्रांतिकारी राम प्रसाद बिस्मिल का जन्म हुआ था। वे उन अग्रणी स्वतंत्रता सेनानियों में शामिल थे जिन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ सशस्त्र क्रांति का बिगुल फूंका और युवाओं में राष्ट्रभक्ति की भावना जागृत की।

SHAILFORD
विज्ञापन

राम प्रसाद बिस्मिल का बचपन ऐसे दौर में बीता जब देश में अंग्रेजी शासन के विरुद्ध असंतोष तेजी से बढ़ रहा था। युवा अवस्था में ही उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन को अपना जीवन समर्पित कर दिया। वे क्रांतिकारी संगठन हिन्दुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन के प्रमुख संस्थापकों में से एक थे और देश को ब्रिटिश शासन से मुक्त कराने के लिए संगठित प्रयासों में सक्रिय भूमिका निभाई।

RC Jewellers
SHARDA
1 / 2
विज्ञापन

बिस्मिल का संबंध उस दौर के अनेक प्रसिद्ध क्रांतिकारियों से था, जिनमें अशफ़ाक़ुल्लाह ख़ाँ, चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह, शिवराम राजगुरु, सुखदेव थापरr और रोशन सिंह जैसे नाम शामिल हैं। इन क्रांतिकारियों ने मिलकर ब्रिटिश शासन को चुनौती देने के लिए कई साहसिक कदम उठाए।

AND PUBLIC SCHOOL
विज्ञापन

स्वतंत्रता आंदोलन की सबसे चर्चित घटनाओं में से एक, काकोरी कांड में राम प्रसाद बिस्मिल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। 09 अगस्त 1925 को क्रांतिकारियों ने सरकारी खजाना ले जा रही ट्रेन को काकोरी के निकट रोककर धन जब्त किया था। इस कार्रवाई का उद्देश्य क्रांतिकारी गतिविधियों के लिए संसाधन जुटाना और ब्रिटिश शासन को चुनौती देना था। इस घटना के बाद बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां हुईं और लंबी न्यायिक प्रक्रिया चली।

Tanishq Chhapra
विज्ञापन

राम प्रसाद बिस्मिल केवल क्रांतिकारी ही नहीं, बल्कि एक संवेदनशील कवि और लेखक भी थे। उनकी रचनाओं ने युवाओं में देशभक्ति और बलिदान की भावना को मजबूत किया। उनकी लेखनी आज भी स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणादायक विरासत का हिस्सा मानी जाती है।

SOLANKI SCHOOL
विज्ञापन

काकोरी प्रकरण में दोषी ठहराए जाने के बाद राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्लाह खान और राजेंद्रनाथ लाहिड़ी सहित कई क्रांतिकारियों को मृत्युदंड सुनाया गया। 19 दिसंबर 1927 को मात्र 30 वर्ष की आयु में राम प्रसाद बिस्मिल ने हंसते-हंसते देश की आजादी के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।

हमारे सोशल मीडिया अकाउंट को फॉलो करें -

bhawani tiles
विज्ञापन
Share This Article
Follow:
chhapratoday.com सारण जिले से संचालित सबसे पहली और लोकप्रिय न्यूज़ वेबसाइट है। वर्ष 2012 से यह अपने पाठकों/दर्शकों तक हर दिन सबसे पहले छपरा, सारण से लेकर देश, विदेश के ब्रेकिंग न्यूज़, लोकल घटनाएं, रेलवे टाइमिंग अपडेट, सरकारी योजनाएं, स्कूल-कॉलेज जानकारी, ट्रेंडिंग वीडियो, संस्कृति, त्यौहार और शहर के विकास से जुड़े हर अपडेट करती आ रही है। हर खबर, सबसे पहले, सबसे सटीक और विश्वसनीयता के साथ केवल chhapratoday.com पर पढ़ें।भौगोलिक संदर्भ
ब्रेकिंग न्यूज़ अलर्ट छपरा की हर बड़ी खबर सबसे पहले पाएं
WhatsApp जॉइन करें जॉइन करें