पटना, 18 मई (हि.स.)। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लोकसेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में ट्यूबवेल, तालाब, आहर, पईन तथा पोखर के रख-रखाव से संबंधित समीक्षा बैठक की। बैठक में लघु जल संसाधन विभाग के सचिव बी कार्तिकेय धनजी ने ट्यूबवेल के रख-रखाव से संबंधित विभाग की योजना एवं प्रस्ताव के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर एवं पंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार सिंह ने भी इस योजना से संबंधित अपने-अपने विभाग के सुझाव रखे। बैठक में मुख्यमंत्री ने लघु जल संसाधन विभाग को राजकीय नलकूपों के रख-रखाव एवं संचालन सौंपने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग तथा पंचायती राज विभाग इसके लिये आपस में समन्वय बनाये। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि कार्य में सिंचाई की महत्वपूर्ण भूमिका है। किसानों के हितों की रक्षा एवं उनकी आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने की योजना पर तेजी से काम करें। खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचना बहुत जरूरी है ताकि कृषि कार्य में किसानों को असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि सभी संबद्ध विभाग समन्वय बनाकर इसपर काम करें। आज का पंचांग | राशिफल | अधिक ज्येष्ठ कृष्णपक्ष दशमी मुख्यमंत्री ने कहा कि राजकीय नलकूपों के रख-रखाव एवं संचालन के लिए ठीक ढंग से काम करें ताकि मॉनसून की अनिश्चितता की स्थिति में किसानों को पटवन में कोई समस्या नहीं हो। ट्यूबवेल ठीक ढंग से फंक्शनल रहे, यह सुनिश्चित करें। वार्ड लेवल पर मैनेजमेंट कमिटी बने जो इसके संचालन और रख-रखाव के लिए बेहतर ढंग से कार्य करे। तालाब, आहर, पईन एवं पोखर की भी सिंचाई कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका है। इन सबका रख-रखाव बेहतर ढंग से करें। Chhapra: जयप्रकाश विश्वविद्यालय के कुलपति परमेंद्र कुमार बाजपेई पर अज्ञात असामाजिक तत्वों ने फेंका मोबिल, पुलिस जांच में जुटी मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायती राज विभाग राजकीय नलकूपों के रख-रखाव एवं संचालन का जिम्मा लघु जल संसाधन विभाग को सौंपे। साथ ही पंचायती राज विभाग भी अपना इंजीनियरिंग सेल बनाये। इस विभाग में अभियंताओं की बहाली होने से पंचायत स्तर पर विनिर्माण एवं तकनीकी कार्य बेहतर ढंग से हो सके। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में गांव के बाहर के नाले को ढकने की जरूरत नहीं है। बिहार में उद्योग लगाना हुआ आसान, 30 दिनों में उद्योग लगाने को मिलेगी स्वीकृतिः मुख्यमंत्री बैठक में लघु जल संसाधन मंत्री संतोष कुमार सुमन, पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, पंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार सिंह, लघु जल संसाधन विभाग के सचिव बी कार्तिकेय धनजी सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।
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पटना, 18 मई (हि.स.)। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लोकसेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में ट्यूबवेल, तालाब, आहर, पईन तथा पोखर के रख-रखाव से संबंधित समीक्षा बैठक की। बैठक में लघु जल संसाधन विभाग के सचिव बी कार्तिकेय धनजी ने ट्यूबवेल के रख-रखाव से संबंधित विभाग की योजना एवं प्रस्ताव के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर एवं पंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार सिंह ने भी इस योजना से संबंधित अपने-अपने विभाग के सुझाव रखे।
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बैठक में मुख्यमंत्री ने लघु जल संसाधन विभाग को राजकीय नलकूपों के रख-रखाव एवं संचालन सौंपने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग तथा पंचायती राज विभाग इसके लिये आपस में समन्वय बनाये। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि कार्य में सिंचाई की महत्वपूर्ण भूमिका है। किसानों के हितों की रक्षा एवं उनकी आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने की योजना पर तेजी से काम करें। खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचना बहुत जरूरी है ताकि कृषि कार्य में किसानों को असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि सभी संबद्ध विभाग समन्वय बनाकर इसपर काम करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजकीय नलकूपों के रख-रखाव एवं संचालन के लिए ठीक ढंग से काम करें ताकि मॉनसून की अनिश्चितता की स्थिति में किसानों को पटवन में कोई समस्या नहीं हो। ट्यूबवेल ठीक ढंग से फंक्शनल रहे, यह सुनिश्चित करें। वार्ड लेवल पर मैनेजमेंट कमिटी बने जो इसके संचालन और रख-रखाव के लिए बेहतर ढंग से कार्य करे। तालाब, आहर, पईन एवं पोखर की भी सिंचाई कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका है। इन सबका रख-रखाव बेहतर ढंग से करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायती राज विभाग राजकीय नलकूपों के रख-रखाव एवं संचालन का जिम्मा लघु जल संसाधन विभाग को सौंपे। साथ ही पंचायती राज विभाग भी अपना इंजीनियरिंग सेल बनाये। इस विभाग में अभियंताओं की बहाली होने से पंचायत स्तर पर विनिर्माण एवं तकनीकी कार्य बेहतर ढंग से हो सके। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में गांव के बाहर के नाले को ढकने की जरूरत नहीं है।
बैठक में लघु जल संसाधन मंत्री संतोष कुमार सुमन, पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, पंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार सिंह, लघु जल संसाधन विभाग के सचिव बी कार्तिकेय धनजी सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।
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