कायस्थ महासम्मेलन: हर क्षेत्र में आगे है चित्रांश, एकजुट रहने की है जरुरत

कायस्थ महासम्मेलन: हर क्षेत्र में आगे है चित्रांश, एकजुट रहने की है जरुरत

Chhapra: कायस्थ समाज के बच्चों में बचपन से ही माता-पिता के द्वारा कुछ करने की प्रेरणा देना बेहतर साबित होता है, बच्चों के लिए माता-पिता ही सबसे बड़ा प्रेरणा स्रोत है, कायस्थ समाज को अब बदलते शिक्षा प्रणाली में डिग्री की शिक्षा के लीक से हटकर हुनर को प्राथमिकता देने की जरूरत है, ताकि छात्र को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिल सकें.

उक्त बाते स्थानीय डाक बंगला रोड स्थित ब्रजकिशोर किंडर गार्टन के प्रांगण में रविवार को आयोजित कायस्थ महासम्मेलन का उद्घाटन के बाद सम्बोधित करते हुए सेवानिवृत व विशिष्ट सेवा मेडल प्राप्त रियर एडमिरल अनिल कुमार वर्मा ने कहीं.

इससे पूर्व मंचासीन अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित व पुष्पांजलि अर्पित के बाद विधिवत महासम्मेलन का शुभारंभ हुआ.

कायस्थ महासम्मेलन को सम्बोधित करते हुए रियर एडमिरल अनिल कुमार वर्मा ने कहा कि स्नातक करने के बाद भी आज इस समाज के युवकों को नौकरी मिलने में काफी मुश्किले हो रही है. इसके लिए अलग से कुछ करने की आवश्यकता जताते हुए स्किल हुनर की तालिम लेने की आवश्यकता पर बल दिया. विशिष्ट सेवा मेडल प्राप्त श्री वर्मा ने अपने सम्बोधन में कहा कि आज कि परिवेश में माता-पिता को बच्चों में हुनर की तालिम देने के लिए उन्हें प्रेरित करना चाहिए. बच्चों के सबसे बड़े प्रेरणा स्रोत माता पिता होते है. उन्होंने महासम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि इस समाज के अभिभावक को बचपन से ही बच्चों में कुछ करने की ज्ञान देना बेहद जरूरी है. साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर इस समाज के लोगों को नेटवर्किंग करने की जरूरत है, इससे इस बिरादरी के लोगों को शादी विवाह में काफी सहुलित होगी.

महासम्मेलन में आगत अतिथियों का स्वागत करते हुए ब्रजकिशोर किंडर गार्टन संस्थान के सचिव सह इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के प्राध्यापक डॉ. पंकज कुमार ने महासम्मेलन के आयोजकों के प्रति आभार जताया। उन्होंने अपने स्वागत भाण में इस तरह के आयोजन बार बार करने की आवश्यकता जताते हुए कहा कि कायस्थ समाज की एकजुटता में सहायक सिद्ध होगा.

डॉ. पंकज ने अपने बिरादरी के लोगों से आने वाले दिनों में इससे बड़ा सम्मेलन करने पर बल दिया. जबकि नरकटियागंज विधान सभा के पूर्व विधायक रश्मि वर्मा ने अपने सम्बोधन में महिलाओं की बढ़ रही भागीदारी पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि इस समाज के बच्चों में क्षमता है जरूरत है एकजुट होकर आग बढने की. रश्मि वर्मा ने युवाओं को राजनीति में आने की वकालत करते हुए कहा कि एकजुटता से ही राजनैतिक भागीदारी सुनिश्चित होगी. पूर्व विधायक ने कायस्थ समाज के उत्थान की दिशा में बनाया गया प्रोजेक्ट ’आंचल’ का सिस्टम के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट अस्तित्व में आने के बाद इस समाज के बच्चों को उच्च शिक्षा हासिल करने में काफी सहुलियत मिलेगी.

महासम्मेलन में उपस्थित राष्ट्रीय जनता दल के वरीय नेता विनोद श्रीवास्तव ने कहा कि कायस्थ समाज में एकजुटता है, लोगों के जज्बे का मैं कद्र करता हूं, लेकिन इस समाज को और मजबूत करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि समाज के लोगों की दशा दिशा एवं हक की लड़ाई लड़ने का वक्त आ गया है, नौकरी की बड़ी विडम्बना है कर्म व मेहनत के बल पर आगे बढने की जरूरत है. श्री विनोद ने महासम्मेलन को सम्बोधित करते हुए यह भी कहा कि आप ऐसे समाज से आते है जिन पर सभी वर्गो का विश्वास रहता है. राजनीतिक में आगे बढने की सोच की वकालत करते हुए चित्रांश परिवार को भी इसमें आगे आने का आह्वान किया. श्री श्रीवास्तव ने अपनी राजनीतिक जीवन की चर्चा करते हुए कहा कि इस समाज के लोगों को हमेशा मदद करने की भावना होनी चाहिए. उन्होंने महासम्मेलन में भारत सरकार से देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद का सरदार बल्लभ पटेल जैसा भव्य प्रतिमा जीरादेई सीवान एवं दिल्ली में बनवाने की मांग रखा.

जबकि आयोजन समिति के संरक्षक प्रो. मृदुल शरण ने महासम्मेलन के उद्देश्य पर विस्तृत रूप से प्रकाश डालते हुए कहा कि संगठन में ही शक्ति है, कायस्थ समाज का यह संगठन मजबूत संगठन हो इसके लिए हम सबों को प्रयास करने की जरूरत है.

इस अवसर पर आगत अतिथियों सहित जिला के गणमान्य लोगों को अंग वस्त्र एवं प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया.

सम्मानित होने वालों में रियल एडमिरल अनिल कुमार वर्मा, संघ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष जयबल्लभ प्रसाद सिन्हा, डॉ. पंकज कुमार, अवकाश प्राप्त न्यायधीश दिनेश कुमार सिन्हा, शिक्षाविद् ब्रजेन्द्र कुमार सिन्हा, प्रोफेसर डी एन सहाय, प्रोफसर डी पी सिन्हा, भारत संचार निगम छपरा के महाप्रबंधक ए पी श्रीवास्तव, डॉ. सुधा बाला, पत्रकार स्व. अवधेश कुमार श्रीवास्तव की पत्नी उर्मिला श्रीवास्तव, अधिवक्ता हरिशंकर प्रसाद, डॉ. अशोक कुमार, स्व. राम किशोर श्रीवास्तव की पत्नी उषा श्रीवास्तव, श्रम अधीक्षक रमेश कमल रत्नम, ब्रजकिशोर किंडर गार्टन की संस्थापिका धर्मशीला श्रीवास्तव, विधायक अरूण कुमार सिन्हा, पूर्व विधायक रश्मि वर्मा, राजद के वरिष्ठ नेता विनोद श्रीवास्तव, प्रोफेसर केदारनाथ लाभ, अधिवक्ता पशुपतिनाथ अरूण, माधुरी रंजन, प्रभात कुमार श्रीवास्तव एवं प्रोफेसर गौरीशंकर श्रीवास्तव आदि मुख्य रूप से थे.

महासम्मेलन को सम्बोधित एवं उपस्थित होने वालों में प्रभात कुमार सिन्हा, प्रोफेसर टी एन सहाय, विधायक अरूण कुमार सिन्हा, प्रोफेसर डी पी सिन्हा, अवकाश न्यायाधीश दिनेश कुमार सिन्हा, जय बल्लभ प्रसाद, डॉ. विद्याभूषण श्रीवास्तव, दुर्गेश बिहारी सिन्हा, जय प्रकाश वर्मा, प्रकाश रंजन निक्कू एवं पवन कुमार श्रीवास्तव, सुरभित दत्त, अशोक कुमार श्रीवास्तव, ओम प्रकाश पुतुल, हिमांशु कुमार, धर्मेंद्र कुमार राजन, मुकुंद मोहन राजू, प्रकाश रंजन श्रीवास्तव, विणा शरण, आशा शरण, दिलीप वर्मा, प्रमोद कुमार वर्मा, अंकुर श्रीवास्तव, मनीष कुमार समेत चित्रांश उपस्थित थे.

अध्यक्षता आयोजन समिति के अध्यक्ष सुभाष चंद्र श्रीवास्तन ने किया. जबकि मंच संचालन प्रोफेसर विजय कुमार सिन्हा ने किया. स्वागतगण नेहा वर्मा व कृष्ण मेनन ने गाया. इस अवसर पर पुलवामा में शहीद हुए जवानों की शहादत को सलाम करते हुए दो मिनट का मौन रख श्रद्धांजलि दी गयी.

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