खड़गपुर, 14 फरवरी (हि.स.)। पहलगाम घटना की बरसी से पहले सेना ने वेलेंटाइन वीक के दौरान एक खास लाल गुलाब की किस्म को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया है। यह नाम वीरता और अदम्य साहस के प्रतीक के रूप में रखा गया है। यह हाइब्रिड किस्म खड़गपुर के जकपुर स्थित पुष्पांजलि रोज गार्डन में विकसित की गई है। इसके सृजनकर्ता प्रनबीर माइती ने इससे पहले भी गुलाब की कई विशेष प्रजातियां विकसित की हैं, जिन्हें देश के महत्वपूर्ण स्थलों पर नामित किया गया है, जिनमें राष्ट्रपति भवन भी शामिल है। लाल और सुगंधित इस गुलाब में 30 से 35 पंखुड़ियां होती हैं। इसकी ऊंचाई 120 से 150 सेंटीमीटर तक होती है और यह साल भर खिलता है। यह किस्म रोग प्रतिरोधक क्षमता से भरपूर है और इसे गमले या सीधे मिट्टी दोनों में लगाया जा सकता है। फीफा विश्व कप 2026: पुर्तगाल प्री-क्वार्टर फाइनल में, क्रोएशिया को 2-1 से हराया शुक्रवार को पूर्वी कमान के ब्रिगेडियर सुधीर सोढ़ी समेत सेना के अधिकारियों ने गृह मंत्रालय की अनुमति के बाद फूल बाजार में इस नई किस्म का अनावरण किया। इसके बाद शनिवार से यह गुलाब बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध है। बताया गया कि प्रनबीर माइती ने पिछले वर्ष जम्मू-कश्मीर में ट्यूलिप गार्डन के समीप एक रोज गार्डन परियोजना की पहल की थी और वहां के मुख्यमंत्री कार्यालय से कई दौर की बातचीत भी की थी। हालांकि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के चलते यह परियोजना विलंबित हो गई। ईरान में खामेनेई के ताबूत पर रखा गया खास लाल झंडा, पहली बार नजर आए आईआरजीसी के नए कमांडर अहमद वाहिदी बाद में माइती ने सेना से संपर्क किया, जिसके बाद विशेष गुलाब विकसित करने और उसे मिशन के नाम पर समर्पित करने का प्रस्ताव सामने आया। माइती और उनका परिवार तथा स्थानीय समुदाय इस पहल से जुड़े होने पर गर्व महसूस कर रहे हैं। माइती ने कहा, “हमने नई किस्म का गुलाब तैयार कर सोशल मीडिया पर साझा किया था। इसके बाद इसे मिशन के नाम से जोड़ने का प्रस्ताव मिला। सेना की मौजूदगी में इसका अनावरण होना हमारे लिए गर्व की बात है। देशहित में एक फूल को समर्पित करना मेरे लिए सम्मान की बात है।” आज का पंचांग | आषाढ़ कृष्णपक्ष तृतीया
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खड़गपुर, 14 फरवरी (हि.स.)। पहलगाम घटना की बरसी से पहले सेना ने वेलेंटाइन वीक के दौरान एक खास लाल गुलाब की किस्म को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया है। यह नाम वीरता और अदम्य साहस के प्रतीक के रूप में रखा गया है।
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यह हाइब्रिड किस्म खड़गपुर के जकपुर स्थित पुष्पांजलि रोज गार्डन में विकसित की गई है। इसके सृजनकर्ता प्रनबीर माइती ने इससे पहले भी गुलाब की कई विशेष प्रजातियां विकसित की हैं, जिन्हें देश के महत्वपूर्ण स्थलों पर नामित किया गया है, जिनमें राष्ट्रपति भवन भी शामिल है।
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लाल और सुगंधित इस गुलाब में 30 से 35 पंखुड़ियां होती हैं। इसकी ऊंचाई 120 से 150 सेंटीमीटर तक होती है और यह साल भर खिलता है। यह किस्म रोग प्रतिरोधक क्षमता से भरपूर है और इसे गमले या सीधे मिट्टी दोनों में लगाया जा सकता है।
शुक्रवार को पूर्वी कमान के ब्रिगेडियर सुधीर सोढ़ी समेत सेना के अधिकारियों ने गृह मंत्रालय की अनुमति के बाद फूल बाजार में इस नई किस्म का अनावरण किया। इसके बाद शनिवार से यह गुलाब बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध है।
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बताया गया कि प्रनबीर माइती ने पिछले वर्ष जम्मू-कश्मीर में ट्यूलिप गार्डन के समीप एक रोज गार्डन परियोजना की पहल की थी और वहां के मुख्यमंत्री कार्यालय से कई दौर की बातचीत भी की थी। हालांकि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के चलते यह परियोजना विलंबित हो गई।
बाद में माइती ने सेना से संपर्क किया, जिसके बाद विशेष गुलाब विकसित करने और उसे मिशन के नाम पर समर्पित करने का प्रस्ताव सामने आया। माइती और उनका परिवार तथा स्थानीय समुदाय इस पहल से जुड़े होने पर गर्व महसूस कर रहे हैं।
माइती ने कहा, “हमने नई किस्म का गुलाब तैयार कर सोशल मीडिया पर साझा किया था। इसके बाद इसे मिशन के नाम से जोड़ने का प्रस्ताव मिला। सेना की मौजूदगी में इसका अनावरण होना हमारे लिए गर्व की बात है। देशहित में एक फूल को समर्पित करना मेरे लिए सम्मान की बात है।”
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