Breaking News

नारी शक्ति वंदन अधिनियम 21वीं सदी के सबसे महत्वपूर्ण कदमों में से एक: प्रधानमंत्री

CT DESK
6 Min Read
खबर सुनें
▶ Press play to listen

नई दिल्ली, 13 अप्रैल (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ का लागू होना 21वीं सदी के सबसे महत्वपूर्ण कदमों में से एक है। यह अधिनियम न केवल महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में ऐतिहासिक पहल है, बल्कि देश के लोकतांत्रिक ढांचे को भी नई मजबूती देगा।

SHAILFORD
विज्ञापन

प्रधानमंत्री ने विज्ञान भवन में ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की संसद एक नया इतिहास रचने के करीब है, जो अतीत के सपनों को साकार करेगा और भविष्य के संकल्पों को पूरा करेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह निर्णय नारी शक्ति को समर्पित है और देश के विकास की यात्रा में महिलाओं की भूमिका अब पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।

sds
sds
SDS
1 / 3
विज्ञापन

मोदी ने बताया कि संसद के आगामी सत्र में इस अधिनियम को प्रभावी रूप से लागू करने की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि 16 अप्रैल से शुरू होने वाले विशेष सत्र के माध्यम से इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे, जिससे पंचायत स्तर से लेकर संसद तक महिलाओं की भागीदारी को और आसान बनाया जा सके।

SHARDA
विज्ञापन

प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक संरचना में महिलाओं को आरक्षण देने की आवश्यकता दशकों से महसूस की जा रही थी। इस विषय पर लगभग चार दशक से विमर्श चल रहा है। विभिन्न राजनीतिक दलों और पीढ़ियों के प्रयासों से यह संभव हो पाया है। वर्ष 2023 में जब यह अधिनियम संसद में पारित हुआ, तब सभी दलों ने सर्वसम्मति से इसका समर्थन किया था।

Tanishq Chhapra
SOLANKI SCHOOL
1 / 2
विज्ञापन

उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बार भी संवाद, सहयोग और सहभागिता के माध्यम से इसे प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संसद की गरिमा और लोकतंत्र की मजबूती के लिए यह सामूहिक प्रयास आवश्यक है।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के उदाहरण भी दिए। उन्होंने कहा कि आज देश में राष्ट्रपति से लेकर वित्त मंत्री तक महत्वपूर्ण पदों पर महिलाएं कार्यरत हैं और उन्होंने देश का गौरव बढ़ाया है। इसके साथ ही उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं को महिला नेतृत्व का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

उन्होंने कहा कि देश में 14 लाख से अधिक महिलाएं स्थानीय निकायों में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं और लगभग 21 राज्यों में पंचायतों में उनकी भागीदारी 50 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। उन्होंने इसे भारत के लोकतंत्र की बड़ी उपलब्धि बताया।

मोदी ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे, तब उन्हें एक ऐसी ग्राम पंचायत की महिलाओं से मिलने का अवसर मिला, जहां सभी सदस्य महिलाएं थीं। एक साधारण शिक्षित महिला प्रधान का यह लक्ष्य कि गांव में कोई गरीब न रहे, आज भी उन्हें प्रेरित करता है।

AND PUBLIC SCHOOL
विज्ञापन

प्रधानमंत्री ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से निर्णय प्रक्रिया में संवेदनशीलता आई है और इससे प्रशासनिक व्यवस्थाएं अधिक प्रभावी हुई हैं। यही कारण है कि सरकार ने महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तीकरण के लिए अनेक योजनाएं शुरू की हैं।

उन्होंने बताया कि जनधन योजना के तहत 32 करोड़ से अधिक महिलाओं के बैंक खाते खोले गए, जिससे उन्हें वित्तीय प्रणाली से जोड़ा गया। इसके अलावा मुद्रा योजना के तहत 60 प्रतिशत से अधिक ऋण महिलाओं को दिए गए हैं, जिससे वे उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम में भी महिलाओं की मजबूत भागीदारी है और 42 प्रतिशत से अधिक स्टार्टअप्स में कम से कम एक महिला निदेशक है। उन्होंने इसे “वूमेन-लेड डेवलपमेंट” की दिशा में बड़ी सफलता बताया।

उन्होंने मातृत्व अवकाश को 26 सप्ताह तक बढ़ाने, स्किल इंडिया मिशन, ड्रोन दीदी पहल और ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान में महिलाओं की भूमिका का भी उल्लेख किया। इन पहलों ने महिलाओं के प्रति पारंपरिक सोच को बदलने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने महिलाओं के जीवन चक्र के हर चरण को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनाई हैं। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’, ‘प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना’, ‘सुकन्या समृद्धि योजना’ और ‘मिशन इंद्रधनुष’ जैसी योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं के समग्र विकास को सुनिश्चित करना है।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम से लेकर संविधान निर्माण तक भारत की नारी शक्ति का योगदान अतुलनीय रहा है और अब समय है कि इस शक्ति को और अधिक अवसर दिए जाएं।

उल्लेखनीय है कि सितंबर 2023 में संसद ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पारित किया था, जिसमें संसद और विधानमंडलों में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटों के आरक्षण का प्रावधान किया गया है। अब इसके प्रभावी कार्यान्वयन की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं।

कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों जैसे शिक्षा, विज्ञान, खेल, उद्यमिता, मीडिया और सामाजिक कार्य से जुड़ी प्रमुख महिलाओं ने भाग लिया। प्रधानमंत्री ने सभी महिलाओं को नए युग के आगमन की बधाई देते हुए कहा कि देश उनके सपनों को साकार करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।

हमारे सोशल मीडिया अकाउंट को फॉलो करें -

bhawani tiles
विज्ञापन
Share This Article
Follow:
chhapratoday.com सारण जिले से संचालित सबसे पहली और लोकप्रिय न्यूज़ वेबसाइट है। वर्ष 2012 से यह अपने पाठकों/दर्शकों तक हर दिन सबसे पहले छपरा, सारण से लेकर देश, विदेश के ब्रेकिंग न्यूज़, लोकल घटनाएं, रेलवे टाइमिंग अपडेट, सरकारी योजनाएं, स्कूल-कॉलेज जानकारी, ट्रेंडिंग वीडियो, संस्कृति, त्यौहार और शहर के विकास से जुड़े हर अपडेट करती आ रही है। हर खबर, सबसे पहले, सबसे सटीक और विश्वसनीयता के साथ केवल chhapratoday.com पर पढ़ें।भौगोलिक संदर्भ
ब्रेकिंग न्यूज़ अलर्ट छपरा की हर बड़ी खबर सबसे पहले पाएं
WhatsApp जॉइन करें जॉइन करें