Chhapra: जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने बाकरपुर–मानिकपुर भारतमाला परियोजना के कार्यों का स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न बिंदुओं पर प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
भवन प्रमंडल को परियोजना के मार्ग रेखन (एलाइनमेंट) में आ रही 30 संरचनाओं का मूल्यांकन करने हेतु जुलाई 2025 में ही निर्देशित किया गया था। अब तक मूल्यांकन प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए स्पष्टीकरण पूछने का निर्देश दिया। साथ ही एक सप्ताह के भीतर अनिवार्य रूप से मूल्यांकन प्रतिवेदन समर्पित करने को कहा।
गोविन्दचक मौजा में शेष 204 हितबद्ध रैयतों के भू-अर्जन से संबंधित मुआवजे के भुगतान में तेजी लाने हेतु कल से लगातार कैंप आयोजित कर प्लॉटवार मापी कराने एवं ऑफलाइन एलपीसी निर्गत करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि NHAI के अमीन, भू-अर्जन अमीन तथा अंचल अमीन संयुक्त रूप से डोर-टू-डोर जाकर रैयतों को नोटिस का तामिला कराएं तथा आवश्यक कागजात/अभिश्रव प्राप्त करें। पूरी प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण कर जल्द से जल्द भुगतान सुनिश्चित करने को कहा गया।
साथ ही NHAI को गोविन्दचक में अविलंब निर्माण कार्य प्रारंभ करने का निर्देश दिया गया।
दरियापुर अंचल के शेष रैयतों के भुगतान के संबंध में भी अंचलाधिकारी को मापी, नोटिस तामिला एवं अभिश्रव प्राप्त कर त्वरित भुगतान सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया।
इसके अतिरिक्त, दीघा सेतु पुल संपर्क पथ के तीन पिलरों के पास स्थित संरचनाओं को हटाकर परियोजना का संपर्क स्थापित किया जाना है। इसके लिए यातायात को डायवर्ट करना आवश्यक होगा। जिलाधिकारी ने अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को समुचित ट्रैफिक प्लान तैयार कर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया, ताकि दीघा पुल पर लगभग एक किलोमीटर के डायवर्शन के दौरान सुदृढ़ एवं सुचारु यातायात व्यवस्था संचालित की जा सके।







