– फ्रांस से राफेल फाइटर जेट के साथ मीटियोर और हैमर मिसाइलों का भी होगा सौदा आज का पंचांग | अधिक ज्येष्ठ कृष्णपक्ष त्रयोदशी नई दिल्ली, 12 फरवरी (हि.स.)। केंद्र सरकार से गुरुवार को मंजूरी मिलने के बाद भारत और फ्रांस के बीच स्कैल्प क्रूज मिसाइलें खरीदने के लिए सौदा होगा। इन मिसाइलों का इस्तेमाल भारतीय वायु सेना ने पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के अंदर जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी हेडक्वार्टर को तबाह करने के लिए किया था। केंद्र से आज लगभग 3.25 लाख करोड़ रुपये के सौदे को मंजूरी मिली है, जिसमें राफेल जेट के साथ तीन तरह की मिसाइलें भी हैं। राफेल विमान हवा में 500 किलोमीटर की दूरी तक हमला कर सकता है, इसीलिए इसे युद्ध के आसमान में ‘गेम चेंजर’ का खिताब दिया जाता है। राफेल में तीन तरह की मिसाइलें लगाई जा सकती हैं, जिसमें मीटियोर, स्कैल्प और हैमर मिसाइल हैं। इन तीनों मिसाइलों के साथ लैस होने की वजह से ही राफेल ने चीन और पाकिस्तान की नींद उड़ा रखी है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान स्कैल्प मिसाइलों को वायु सेना के राफेल फाइटर जेट्स ने पाकिस्तान के मुरीदके और बहावलपुर में आतंकवादी मुख्यालय को तबाह करने के लिए लॉन्च किया था। ‘धमाल 4’ का ट्रेलर रिलीज, फिर कॉमेडी का धमाल मचाएगी अजय देवगन की पलटन भारतीय वायु सेना ने 6-7 मई की रात को पाकिस्तान में आतंकवादी मुख्यालयों को सफलतापूर्वक नष्ट करने के बाद पाकिस्तानी वायु सेना के ठिकानों पर हमला करने के लिए उनका फिर से बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया, जिसमें भी स्कैल्प की सटीकता रही। वायु सेना ने पाकिस्तानी वायु सेना के 12 प्रमुख हवाई ठिकानों पर हमला किया और बड़ी संख्या में उच्च मूल्य वाले लक्ष्यों को नष्ट कर दिया, जिनमें लड़ाकू जेट और जमीन पर जासूसी विमान शामिल थे। भारतीय वायु सेना अपने राफेल जेट के बेड़े के लिए बड़ी संख्या में मीटियोर एयर टू एयर मिसाइल का ऑर्डर देने की प्रक्रिया में है। भारतीय वायु सेना के पास अभी 36 राफेल हैं। अब 114 विमानों का सौदा होने के बाद भारत के पास कुल राफेल ऑर्डर 186 जेट्स हो जाएंगे, क्योंकि भारतीय नौसेना के लिए 26 राफेल-एम का 63 हजार करोड़ का पहले ही ऑर्डर दिया जा चुका है। राफेल विमानों में तीन तरह की मिसाइलों का इस्तेमाल किया जा सकता है, जिसमें एयर-एयर मेटियोर बीवीआर मिसाइलें, माइका मिसाइलें, स्कैल्प क्रूज मिसाइलें और हैमर हैं। इन मिसाइलों को भारतीय नौसेना के लिए ऑर्डर किए गए 26 राफेल मरीन लड़ाकू विमानों में भी एकीकृत किया जाएगा, जिनके अगले तीन से चार वर्षों में आने की उम्मीद है। Facebook और Instagram हुआ डाउन, परेशान रहे यूजर्स
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– फ्रांस से राफेल फाइटर जेट के साथ मीटियोर और हैमर मिसाइलों का भी होगा सौदा
नई दिल्ली, 12 फरवरी (हि.स.)। केंद्र सरकार से गुरुवार को मंजूरी मिलने के बाद भारत और फ्रांस के बीच स्कैल्प क्रूज मिसाइलें खरीदने के लिए सौदा होगा। इन मिसाइलों का इस्तेमाल भारतीय वायु सेना ने पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के अंदर जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी हेडक्वार्टर को तबाह करने के लिए किया था। केंद्र से आज लगभग 3.25 लाख करोड़ रुपये के सौदे को मंजूरी मिली है, जिसमें राफेल जेट के साथ तीन तरह की मिसाइलें भी हैं।
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राफेल विमान हवा में 500 किलोमीटर की दूरी तक हमला कर सकता है, इसीलिए इसे युद्ध के आसमान में ‘गेम चेंजर’ का खिताब दिया जाता है। राफेल में तीन तरह की मिसाइलें लगाई जा सकती हैं, जिसमें मीटियोर, स्कैल्प और हैमर मिसाइल हैं। इन तीनों मिसाइलों के साथ लैस होने की वजह से ही राफेल ने चीन और पाकिस्तान की नींद उड़ा रखी है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान स्कैल्प मिसाइलों को वायु सेना के राफेल फाइटर जेट्स ने पाकिस्तान के मुरीदके और बहावलपुर में आतंकवादी मुख्यालय को तबाह करने के लिए लॉन्च किया था।
भारतीय वायु सेना ने 6-7 मई की रात को पाकिस्तान में आतंकवादी मुख्यालयों को सफलतापूर्वक नष्ट करने के बाद पाकिस्तानी वायु सेना के ठिकानों पर हमला करने के लिए उनका फिर से बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया, जिसमें भी स्कैल्प की सटीकता रही। वायु सेना ने पाकिस्तानी वायु सेना के 12 प्रमुख हवाई ठिकानों पर हमला किया और बड़ी संख्या में उच्च मूल्य वाले लक्ष्यों को नष्ट कर दिया, जिनमें लड़ाकू जेट और जमीन पर जासूसी विमान शामिल थे। भारतीय वायु सेना अपने राफेल जेट के बेड़े के लिए बड़ी संख्या में मीटियोर एयर टू एयर मिसाइल का ऑर्डर देने की प्रक्रिया में है।
भारतीय वायु सेना के पास अभी 36 राफेल हैं। अब 114 विमानों का सौदा होने के बाद भारत के पास कुल राफेल ऑर्डर 186 जेट्स हो जाएंगे, क्योंकि भारतीय नौसेना के लिए 26 राफेल-एम का 63 हजार करोड़ का पहले ही ऑर्डर दिया जा चुका है। राफेल विमानों में तीन तरह की मिसाइलों का इस्तेमाल किया जा सकता है, जिसमें एयर-एयर मेटियोर बीवीआर मिसाइलें, माइका मिसाइलें, स्कैल्प क्रूज मिसाइलें और हैमर हैं। इन मिसाइलों को भारतीय नौसेना के लिए ऑर्डर किए गए 26 राफेल मरीन लड़ाकू विमानों में भी एकीकृत किया जाएगा, जिनके अगले तीन से चार वर्षों में आने की उम्मीद है।
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