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कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में सारण जिले के लिए वर्ष 2025 उल्लेखनीय उपलब्धियों का रहा साक्षी

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Chhapra: कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में सारण जिले के लिए वर्ष 2025 उल्लेखनीय उपलब्धियों का साक्षी रहा। इस दौरान जिले में ऐतिहासिक स्थलों, सांस्कृतिक धरोहरों, महापुरुषों, महत्वपूर्ण व्यक्तित्वों तथा जिले की विशिष्टताओं के संरक्षण एवं शोध को लेकर कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए। साथ ही बिहार की विलुप्त होती लोक एवं पारंपरिक कलाओं के संवर्धन हेतु भी ठोस प्रयास किए गए। जिले में फिल्म शूटिंग की संभावनाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संभावित स्थलों का भी चयन किया गया है।

यह जानकारी जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी डॉ. विभा भारती ने देते हुए बताया कि सारण में आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना कर ली गई है, जिसका विभागीय निर्देश प्राप्त होने के उपरांत औपचारिक उद्घाटन किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतर्गत सभी निर्धारित उत्सव एवं महोत्सवों का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। कलाकारों के हित में विभाग की एक महत्वपूर्ण पहल के तहत राज्य स्तरीय कलाकार पंजीयन पोर्टल का शुभारंभ किया गया, जिसके माध्यम से सारण जिले से कुल 159 कलाकारों ने आवेदन किया। इनमें से 100 कलाकारों को पंजीयन संख्या प्रदान की जा चुकी है, 16 आवेदनों को त्रुटि के कारण अस्वीकृत किया गया है, जबकि शेष आवेदनों की जांच कर शीघ्र पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा राज्य के 50 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ कलाकारों के लिए शुरू की गई “मुख्यमंत्री कलाकार पेंशन योजना” को भी जिले में लागू किया गया है। इस योजना के तहत सारण जिले के 16 पात्र कलाकारों के आवेदन विभाग को भेजे जा चुके हैं।

इसके अतिरिक्त विभाग द्वारा “गुरु-शिष्य योजना” का भी शुभारंभ किया गया है, जिसमें सारण जिले के कलाकारों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए आवेदन किया है। गरीब एवं जरूरतमंद कलाकारों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कलाकार पेंशन योजना भी प्रारंभ की गई है।

बिहार में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा बनाई गई फिल्म नीति के तहत सारण जिले में भी फिल्म शूटिंग की संभावनाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान अब तक भास्कर महोत्सव 2025, गोदना सेमरिया मेला 2025, लोकनायक जयप्रकाश नारायण जयंती 2025, सोनपुर मेला में आयोजित हरिहर महोत्सव 2025, जिलास्तरीय युवा उत्सव 2025 तथा भिखारी ठाकुर महोत्सव 2025 का सफल आयोजन किया जा चुका है।

डॉ. विभा भारती ने बताया कि डच मकबरा, पुरातात्विक स्थल चिरांद तथा छपरा संग्रहालय के नवीनीकरण सहित कई महत्वपूर्ण स्थलों को चिन्हित कर उन्हें विशेष सौंदर्यात्मक एवीएन (ऑडियो-विजुअल-नॉलेज) स्थल के रूप में विकसित किए जाने की दिशा में कार्य प्रगति पर है।

सांस्कृतिक कैलेंडर के अंतर्गत एवीएन के माध्यम से वर्ष भर में कुल 20 उत्सव एवं महोत्सवों का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया, जो जिले की सांस्कृतिक समृद्धि और पहचान को नई ऊंचाई प्रदान करता है।

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