Chhapra: गंगा, सरयू, सोन और गंडक नदियों के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि ने सारण के दियारा और तटीय इलाकों में बाढ़ का संकट और गहरा दिया है।
सदर प्रखंड की रायपुर, बिंदगावां, कोटवापट्टीरामपुर तथा बड़हरा महाजी पंचायतों में बाढ़ का पानी तेजी से फैल गया है। कई इलाकों का जिला मुख्यालय से सड़क संपर्क पूरी तरह भंग हो गया है। ऐसे में ग्रामीणों के आवागमन के लिए अब नाव ही एकमात्र सहारा रह गई है।
चिरांद क्षेत्र की दलित-महादलित बस्ती समेत सिंघी, मकुंद टोला, रसूलपुर, टिकुलिया टोला, पांडेय टोला, डुमरी, शनिचरा टोला, नेहाला टोला, पश्चिमी बलुआं, पूर्वी बलुआं, पीपरा टोला और मुसेपुर में ग्रामीण सड़कों पर बाढ़ का पानी चढ़ गया है। वहीं गड़खा प्रखंड के मौजमपुर, फुलवरिया टोला, पकवलिया टोला, संठा, रामू टोला और मौजमपुर दलित बस्ती में भी जलजमाव से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। दर्जनों परिवारों के घरों में पानी घुसने से लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की चिंता सताने लगी है।
स्थानीय मुखिया सत्येंद्र सिंह, रामाधार राय, अपने क्षेत्र मे डटे हुए हैं श्री सिंह अपने निजी कोष से चार नावें चलवा रहे हैं इसके अलावे लाचार बीमार को आर्थिक सहयोग प्रदान कर रहे हैं।
प्रशासन ने बढ़ाई नावों की संख्या
सदर अंचलाधिकारी शुषी ने बताया कि बाढ़ प्रभावित लोगों की सहायता के लिए जिला प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ जुटा हुआ है। रायपुर-बिंदगावां दियारा पंचायत में दो नाव, कोटवापट्टीरामपुर में सात नाव तथा बड़हरा महाजी, मेघनाथ और मुसेपुर में दो नावों का संचालन किया जा रहा है। विस्थापित परिवारों को पॉलीथिन शीट समेत आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।
बाढ़ के बढ़ते पानी के बीच ग्रामीणों की चिंता अब सिर्फ आवागमन तक सीमित नहीं है, बल्कि घर, पशुधन, भोजन और सुरक्षित ठिकाने की व्यवस्था भी बड़ी चुनौती बनती जा रही है। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों पर लगातार नजर बनाए रखने की बात कही है।



















