गर्मी का मौसम आते ही छपरा की गलियों और चौक-चौराहों पर एक खास स्वाद की चर्चा शुरू हो जाती है। यह स्वाद है मिट्टी के बर्तन में परोसी जाने वाली पारंपरिक मलाई बर्फ का, जो वर्षों से लोगों की पसंद बनी हुई है। छपरा का यह मलाई बर्फ अब शहर की पहचान बन चुका है।
स्थानीय लोगों के लिए मलाई बर्फ सिर्फ स्वाद नहीं बल्कि बचपन की यादों से जुड़ी हुई है। यही कारण है कि छपरा आने वाले मेहमानों और बाहर से आने वाले लोगों को यहां के लोग विशेष रूप से मलाई बर्फ खिलाकर शहर की खासियत से परिचित कराते हैं।
मलाई बर्फ की सबसे बड़ी विशेषता इसकी पारंपरिक बनाने की प्रक्रिया है। इसे तैयार करने के लिए सबसे पहले मिट्टी की प्याली में बर्फ को हाथों से रगड़कर उसका बुरादा बनाया जाता है। इसके बाद उस पर दूध से तैयार की गई गाढ़ी मलाई डाली जाती है। इस पूरे व्यंजन में केवल दूध और चीनी का उपयोग किया जाता है। बिना किसी अतिरिक्त फ्लेवर या आधुनिक मिश्रण के तैयार होने वाली यह मलाई बर्फ अपने शुद्ध और देसी स्वाद के लिए जाना जाता है।
इस मिठास में मिट्टी के बर्तन का भी विशेष योगदान माना जाता है। मिट्टी की प्याली में परोसे जाने के कारण इसका स्वाद और अधिक सोंधा और प्राकृतिक महसूस होता है। यही वजह है कि वर्षों बाद भी इसका पारंपरिक स्वरूप लोगों को आकर्षित करता है।
स्थानीय विक्रेताओं का कहना है कि समय के साथ हर चीज की तरह मलाई बर्फ की कीमतों में बदलाव जरूर आया है, लेकिन इसके स्वाद और गुणवत्ता में कोई बदलाव नहीं किया गया। पहले जहां कुछ पैसों में मिलने वाली यह मलाई बर्फ आज बढ़ती लागत के कारण अधिक कीमत पर उपलब्ध है, वहीं इसके चाहने वालों की संख्या लगातार बनी हुई है।
छपरा में कई ऐसे परिवार हैं जो पीढ़ियों से मलाई बर्फ बेचने का काम कर रहे हैं। उनके लिए यह केवल रोजगार नहीं बल्कि एक परंपरा और विरासत है, जिसे वे नई पीढ़ी तक पहुंचा रहे हैं। आज भी गर्मी के दिनों में मलाई बर्फ के ठेलों के पास लोगों की भीड़ इस बात का प्रमाण है कि पारंपरिक स्वाद का आकर्षण कभी कम नहीं होता।
आधुनिक खानपान और नए-नए ब्रांडेड आइस्क्रीम के दौर में भी छपरा की मलाई बर्फ ने अपनी अलग पहचान बनाए रखी है। इसकी सोंधी खुशबू, दूध की मिठास और मिट्टी के बर्तन की ठंडक आज भी लोगों को पुराने दिनों की याद दिला देती है।
छपरा की मलाई बर्फ शहर की पहचान और उसके स्वाद की विरासत है, जिसे हर पीढ़ी अपने तरीके से सँजोए हुए है।



















