प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप स्काई रूट के इंफिनिटी कैंपस का उद्घाटन किया कहा कि पिछले 6 से 7 सालों में भारत का अंतरिक्ष क्षेत्र बड़े बदलावों से गुजर रहा है और यह अब खुला नई दिल्ली, 27 नवंबर (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप स्काई रूट के इंफिनिटी कैंपस का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि पिछले 6 से 7 सालों में भारत का अंतरिक्ष क्षेत्र बड़े बदलावों से गुजर रहा है और यह अब खुला, सहयोगी और नवाचार से प्रेरित अर्थतंत्र बन गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार की ओर से अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी क्षेत्र के लिए खोलने से देश के युवा खासकर ‘जेन जी यूथ’ को भरपूर फायदा उठाने के अवसर मिले हैं। भारत के पास अंतरिक्ष क्षेत्र में क्षमताएं हैं और यह क्षमताएं केवल कुछ ही देश के पास हैं। हमारे पास कुशल इंजीनियर, उच्च गुणवत्ता उत्पादन अर्थतंत्र और विश्व की बेहतरीन प्रक्षेपण स्थल हैं। साथ ही नवाचार को प्रोत्साहित करने वाला माइंड सेट भी है। भारत की युवा शक्ति को नवाचार और जोखिम उठाने वाली क्षमता तथा उद्यमिता से जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि इसके चलते आज विविध क्षेत्र में भारत नई बुलंदियां छू रहा है। स्काई रूट का इंफिनिटी कैंपस भारत की नई सोच नवाचार और युवा शक्ति काप्रतिबिंब है। रिशु श्री टेंडर घोटाला: एसवीयू ने तीन अधिकारी को किया गिरफ्तार, आईएएस संजीव हंस की तलाश जारी स्काई रूट के प्रथम ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-एक का अनावरण उन्होंने ने स्काई रूट के प्रथम ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-एक का अनावरण भी किया। इसमें उपग्रह को कक्षा में प्रक्षेपित करने की क्षमता है। इस अत्याधुनिक केंद्र में बहु प्रक्षेपण वाहनों के डिजाइन विकास एकीकरण और प्रशिक्षण के लिए लगभग 20 हजार वर्ग फुट का कार्य क्षेत्र होगा तथा हर महीने का एक कक्षीय रॉकेट बनाने की क्षमता होगी। नालंदा विश्वविद्यालय ने मंगोलिया में किए दो अहम समझौते, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक सहयोग को मिलेगी नई गति अंतरिक्ष के क्षेत्र में कार्य करने वाली सरकारी एजेंसी ‘इसरो’ की प्रशंसा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि दशकों तक संस्था ने भारत की अंतरिक्ष यात्रा को नई उड़ान दी है। उसने विश्वसनीयता, क्षमता और अपने काम से हर प्रकार से भारत की अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि भारत की अंतरिक्ष प्रतिभा दुनिया भर में एक मजबूत पहचान बना रही है। वैश्विक नवाचार वाले संस्थान भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। दुनिया भर में छोटे उपग्रह की मांग लगातार बढ़ रही है और अंतरिक्ष को अब एक रणनीतिक एसेट के तौर पर पहचाना जा रहा है। आने वाले सालों में वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था कई गुना बढ़ाने वाली है। यह भारत के युवाओं के लिए एक बड़ा मौका है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से गूगल इंडिया के प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा उल्लेखनीय है कि स्काई रूट भारत की अग्रणी निजी कंपनी बनकर उभरी है। इसकी स्थापना पवन चंदना और भरत ढाका ने की है। दोनों भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों के पूर्व छात्र और इसरो के पूर्व वैज्ञानिक हैं और अब उद्यमी बन गए हैं। नवंबर 2022 में स्काई रूट ने अपना सब ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-एस लॉन्च किया। इससे वह अंतरिक्ष में रॉकेट लॉन्च करने वाली पहली भारतीय निजी कंपनी बन गई।
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप स्काई रूट के इंफिनिटी कैंपस का उद्घाटन किया
कहा कि पिछले 6 से 7 सालों में भारत का अंतरिक्ष क्षेत्र बड़े बदलावों से गुजर रहा है और यह अब खुला
नई दिल्ली, 27 नवंबर (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप स्काई रूट के इंफिनिटी कैंपस का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि पिछले 6 से 7 सालों में भारत का अंतरिक्ष क्षेत्र बड़े बदलावों से गुजर रहा है और यह अब खुला, सहयोगी और नवाचार से प्रेरित अर्थतंत्र बन गया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार की ओर से अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी क्षेत्र के लिए खोलने से देश के युवा खासकर ‘जेन जी यूथ’ को भरपूर फायदा उठाने के अवसर मिले हैं। भारत के पास अंतरिक्ष क्षेत्र में क्षमताएं हैं और यह क्षमताएं केवल कुछ ही देश के पास हैं। हमारे पास कुशल इंजीनियर, उच्च गुणवत्ता उत्पादन अर्थतंत्र और विश्व की बेहतरीन प्रक्षेपण स्थल हैं। साथ ही नवाचार को प्रोत्साहित करने वाला माइंड सेट भी है। भारत की युवा शक्ति को नवाचार और जोखिम उठाने वाली क्षमता तथा उद्यमिता से जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि इसके चलते आज विविध क्षेत्र में भारत नई बुलंदियां छू रहा है। स्काई रूट का इंफिनिटी कैंपस भारत की नई सोच नवाचार और युवा शक्ति काप्रतिबिंब है।
स्काई रूट के प्रथम ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-एक का अनावरण
उन्होंने ने स्काई रूट के प्रथम ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-एक का अनावरण भी किया। इसमें उपग्रह को कक्षा में प्रक्षेपित करने की क्षमता है। इस अत्याधुनिक केंद्र में बहु प्रक्षेपण वाहनों के डिजाइन विकास एकीकरण और प्रशिक्षण के लिए लगभग 20 हजार वर्ग फुट का कार्य क्षेत्र होगा तथा हर महीने का एक कक्षीय रॉकेट बनाने की क्षमता होगी।
अंतरिक्ष के क्षेत्र में कार्य करने वाली सरकारी एजेंसी ‘इसरो’ की प्रशंसा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि दशकों तक संस्था ने भारत की अंतरिक्ष यात्रा को नई उड़ान दी है। उसने विश्वसनीयता, क्षमता और अपने काम से हर प्रकार से भारत की अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि भारत की अंतरिक्ष प्रतिभा दुनिया भर में एक मजबूत पहचान बना रही है। वैश्विक नवाचार वाले संस्थान भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। दुनिया भर में छोटे उपग्रह की मांग लगातार बढ़ रही है और अंतरिक्ष को अब एक रणनीतिक एसेट के तौर पर पहचाना जा रहा है। आने वाले सालों में वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था कई गुना बढ़ाने वाली है। यह भारत के युवाओं के लिए एक बड़ा मौका है।
उल्लेखनीय है कि स्काई रूट भारत की अग्रणी निजी कंपनी बनकर उभरी है। इसकी स्थापना पवन चंदना और भरत ढाका ने की है। दोनों भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों के पूर्व छात्र और इसरो के पूर्व वैज्ञानिक हैं और अब उद्यमी बन गए हैं। नवंबर 2022 में स्काई रूट ने अपना सब ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-एस लॉन्च किया। इससे वह अंतरिक्ष में रॉकेट लॉन्च करने वाली पहली भारतीय निजी कंपनी बन गई।
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