पटना, 20 फरवरी (हि.स.)। बिहार में अल्पसंख्यक समुदाय के कल्याण और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से प्रत्येक प्रखंड में एक-एक प्रखंड अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी की नियुक्ति की जाएगी। इस वर्ष राज्य के सभी प्रखंडों में इन पदाधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। यह जानकारी अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के मंत्री जमा खान ने शुक्रवार को दी। सूचना भवन के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में मंत्री ने बताया कि अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में कुल 1076 पदों पर नई बहाली की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए संबंधित अधियाचना बिहार लोक सेवा आयोग और बिहार कर्मचारी चयन आयोग को भेज दी गई है। मंत्री ने बताया कि इन पदों में जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी के 6, प्रखंड अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी के 487, निम्नवर्गीय लिपिक (मुख्यालय/निदेशालय-सचिवालय) के 8, निम्नवर्गीय लिपिक (क्षेत्रीय संवर्ग) के 14, निम्नवर्गीय लिपिक (समाहरणालय संवर्ग) के 524 और छात्रावास प्रबंधक के 37 पद शामिल हैं। नगर निगम सभागार बना अखाड़ा, पिछले साल का हिसाब मांगने पर बढ़ा विवाद, बजट बैठक में जमकर हंगामा मंत्री जमा खान ने बताया कि कक्षा 9वीं से 12वीं तक के लिए 22 अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय विभिन्न जिलों में बनाए जा रहे हैं। वर्तमान में दरभंगा और किशनगंज में दो विद्यालय संचालित हैं, जबकि कटिहार, जमुई, कैमूर, नालंदा और मुजफ्फरपुर में पांच नए विद्यालय अप्रैल तक तैयार हो जाएंगे। इसके बाद ऐसे विद्यालयों की संख्या बढ़कर सात हो जाएगी। उन्होंने कहा कि तेलंगाना के बाद बिहार ऐसा राज्य है, जहां अल्पसंख्यक आवासीय कल्याण छात्रावास बनाए जा रहे हैं। भविष्य में प्रत्येक जिले में ऐसे विद्यालय स्थापित करने की योजना है। उपेन्द्र कुशवाहा फिर बने राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मंत्री ने बताया कि राज्य के 75 मदरसों में स्मार्ट क्लास की सुविधा शुरू हो चुकी है और जल्द ही सभी मदरसों में इसे लागू किया जाएगा। साथ ही रोजगारपरक शिक्षा के लिए बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड से अनुदानित नौ मदरसों और मौलाना मजहरूल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय में कुल 10 व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जहां तकनीकी कोर्स संचालित होंगे। इसके अलावा तलाकशुदा महिलाओं को 25 हजार रुपये की सहायता देने की योजना चलाई जा रही है। राज्य में 9 हजार से अधिक कब्रिस्तानों की घेराबंदी की जा चुकी है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड की जमीनों की पहचान कर उन्हें अतिक्रमण मुक्त कराने की प्रक्रिया जारी है। बिहार की सांस्कृतिक विरासत को बड़ी पहचान: नालंदा की बावन बूटी, गया स्टोन क्राफ्ट और भोजपुर की पिढ़िया पेंटिंग को मिला GI टैग
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पटना, 20 फरवरी (हि.स.)। बिहार में अल्पसंख्यक समुदाय के कल्याण और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से प्रत्येक प्रखंड में एक-एक प्रखंड अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी की नियुक्ति की जाएगी। इस वर्ष राज्य के सभी प्रखंडों में इन पदाधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। यह जानकारी अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के मंत्री जमा खान ने शुक्रवार को दी।
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सूचना भवन के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में मंत्री ने बताया कि अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में कुल 1076 पदों पर नई बहाली की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए संबंधित अधियाचना बिहार लोक सेवा आयोग और बिहार कर्मचारी चयन आयोग को भेज दी गई है।
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मंत्री ने बताया कि इन पदों में जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी के 6, प्रखंड अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी के 487, निम्नवर्गीय लिपिक (मुख्यालय/निदेशालय-सचिवालय) के 8, निम्नवर्गीय लिपिक (क्षेत्रीय संवर्ग) के 14, निम्नवर्गीय लिपिक (समाहरणालय संवर्ग) के 524 और छात्रावास प्रबंधक के 37 पद शामिल हैं।
मंत्री जमा खान ने बताया कि कक्षा 9वीं से 12वीं तक के लिए 22 अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय विभिन्न जिलों में बनाए जा रहे हैं। वर्तमान में दरभंगा और किशनगंज में दो विद्यालय संचालित हैं, जबकि कटिहार, जमुई, कैमूर, नालंदा और मुजफ्फरपुर में पांच नए विद्यालय अप्रैल तक तैयार हो जाएंगे। इसके बाद ऐसे विद्यालयों की संख्या बढ़कर सात हो जाएगी।
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उन्होंने कहा कि तेलंगाना के बाद बिहार ऐसा राज्य है, जहां अल्पसंख्यक आवासीय कल्याण छात्रावास बनाए जा रहे हैं। भविष्य में प्रत्येक जिले में ऐसे विद्यालय स्थापित करने की योजना है।
मंत्री ने बताया कि राज्य के 75 मदरसों में स्मार्ट क्लास की सुविधा शुरू हो चुकी है और जल्द ही सभी मदरसों में इसे लागू किया जाएगा। साथ ही रोजगारपरक शिक्षा के लिए बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड से अनुदानित नौ मदरसों और मौलाना मजहरूल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय में कुल 10 व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जहां तकनीकी कोर्स संचालित होंगे।
इसके अलावा तलाकशुदा महिलाओं को 25 हजार रुपये की सहायता देने की योजना चलाई जा रही है। राज्य में 9 हजार से अधिक कब्रिस्तानों की घेराबंदी की जा चुकी है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड की जमीनों की पहचान कर उन्हें अतिक्रमण मुक्त कराने की प्रक्रिया जारी है।
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