⚡
Breaking News

सीजेपी नेता सौरव दास और आशुतोष रांका 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए

4 Min Read

नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (हि.स.)। दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के मामले में काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के दो नेताओं को पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। स्पेशल एक्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने सौरव दास और आशुतोष रांका को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।

SHAILFORD
विज्ञापन

दरअसल, दिल्ली पुलिस ने सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे समेत 14 सदस्यों के खिलाफ कनॉट प्लेस और पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में अलग-अलग दो एफआईआर दर्ज की हैं। पुलिस के मुताबिक, 13 अक्टूबर को सीजेपी के ये सदस्य प्रतिबंधित जंतर-मंतर पर निजी परिसर के रास्ते पहुंचे और पुलिसकर्मियों के काम में बाधा डाली। इसके बाद पुलिस ने तीनों नेताओं को हिरासत में लिया था।

j alankar
विज्ञापन

तीनों को आज सुबह स्पेशल एक्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जिसके बाद सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जबकि अजिंक्य शिंदे को छह महीने तक शांति बनाए रखने के लिए 5,000 रुपये के मुचलके पर पाबंद किया गया।

DOON
विज्ञापन

दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को आधिकारिक विरोध प्रदर्शन स्थल की सूची से हटा दिया है। इसका मतलब है कि जंतर-मंतर पर कोई प्रदर्शन नहीं हो सकता। इसी फैसले के विरोध में सीजेपी के नेताओं ने ये प्रदर्शन किया था।

Tanishq Chhapra
विज्ञापन

नई दिल्ली जिले के पुलिस उपायुक्त सचिन शर्मा के अनुसार, यह घटना 13 अक्टूबर की सुबह की है। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए पहुंचे सीजेपी सदस्यों को मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने रोकने का प्रयास किया। आरोप है कि इसके बावजूद कार्यकर्ताओं ने एक निजी परिसर के रास्ते प्रवेश किया और पुलिसकर्मियों के काम में बाधा डाली। पुलिस ने सभी 14 सदस्यों को हिरासत में लेकर संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की।

SOLANKI SCHOOL
विज्ञापन

पुलिस के अनुसार, मामले में पहली प्राथमिकी कनॉट प्लेस थाने में एफआईआर संख्या 289/26 के तहत दर्ज की गई है। इसमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 223(ए), 332 और 61(2) लगाई गई हैं। दूसरी प्राथमिकी संसद मार्ग थाने में एफआईआर संख्या 128/26 के तहत दर्ज हुई है। इसमें बीएनएस की धारा 221, 115(2), 132, 121(1) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। दोनों मामलों में कुल 14 सदस्यों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है।

पुलिस ने सीजेपी के प्रमुख सदस्यों आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्य शिंदे के खिलाफ अलग से निवारक कार्रवाई की।

पुलिस का आरोप है कि इन सदस्यों की गतिविधियों से सार्वजनिक शांति भंग होने और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका थी। पुलिस ने यह भी आरोप लगाया कि तीनों इंटरनेट मीडिया के माध्यम से अन्य लोगों को भी इसी तरह की गतिविधियों के लिए उकसाने का प्रयास कर रहे थे। इसी आधार पर उन्हें संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत गिरफ्तार कर विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट (एसईएम) के समक्ष पेश किया गया।

पुलिस के अनुसार, तीनों सदस्यों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 126 और 170 के तहत कार्रवाई शुरू की गई। पुलिस ने आशंका जताई कि रिहा किए जाने पर वे दोबारा कानून का उल्लंघन कर सकते हैं और अन्य लोगों को भी ऐसा करने के लिए उकसा सकते हैं।

मामले पर विचार करने के बाद विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट ने सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। वहीं, अजिंक्य शिंदे को छह महीने तक शांति और सद्व्यवहार बनाए रखने के लिए पाबंद किया गया। उसे पांच हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत पर बंधपत्र भरने का निर्देश दिया गया।

हमारे सोशल मीडिया अकाउंट को फॉलो करें -

bhawani tiles
विज्ञापन
Share This Article
chhapratoday.com सारण जिले से संचालित सबसे पहली और लोकप्रिय न्यूज़ वेबसाइट है। वर्ष 2012 से यह अपने पाठकों/दर्शकों तक हर दिन सबसे पहले छपरा, सारण से लेकर देश, विदेश के ब्रेकिंग न्यूज़, लोकल घटनाएं, रेलवे टाइमिंग अपडेट, सरकारी योजनाएं, स्कूल-कॉलेज जानकारी, ट्रेंडिंग वीडियो, संस्कृति, त्यौहार और शहर के विकास से जुड़े हर अपडेट करती आ रही है। हर खबर, सबसे पहले, सबसे सटीक और विश्वसनीयता के साथ केवल chhapratoday.com पर पढ़ें।
ब्रेकिंग न्यूज़ अलर्ट छपरा की हर बड़ी खबर सबसे पहले पाएं
WhatsApp जॉइन करें जॉइन करें ✕