पटना, 29 अप्रैल (हि.स.)। बिहार में पढ़ाई के लिए छात्रों के पलायन में भारी कमी आई है। अब राज्य में ही विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है, जिससे उन्हें बेहतर रोजगार के अवसर भी प्राप्त हो रहे हैं। यह बातें राज्य के उपमुख्यमंत्री सह विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बुधवार को पटना स्थित संवाद कक्ष में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कही। उन्होंने कहा कि राज्य में शीघ्र ही मंत्री परिषद का विस्तार होगा। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यों और नीतियों को नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ कार्य कर रहे हैं। तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद शिक्षा सहित सभी क्षेत्रों में उल्लेखनीय विकास हुआ है। पहले उच्च शिक्षा के लिए छात्र-छात्राओं को राज्य से बाहर जाना पड़ता था, जिससे बिहार का पैसा और संसाधन बाहर जाते थे, लेकिन अब यह स्थिति काफी हद तक बदल चुकी है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के हर इलाके में बच्चे पढ़ रहे हैं और आगे बढ़ रहे हैं। हजारों छात्र-छात्राएं प्रति वर्ष इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक की पढ़ाई कर रहे हैं तथा रोजगार के योग्य बन रहे हैं। सात निश्चय योजना के तहत बनाई गई नीतियों के सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से सामने आ रहे हैं और युवा बेहतर नौकरियां प्राप्त कर रहे हैं। उपेन्द्र कुशवाहा फिर बने राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग कॉलेजों और पॉलिटेक्निक संस्थानों की संख्या बढ़ने से अब बच्चे घर के पास ही कम खर्च में पढ़ाई कर पा रहे हैं। इससे अभिभावकों को भी काफी राहत और संतोष मिल रहा है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग का जीवन के हर क्षेत्र में व्यापक प्रभाव पड़ रहा है। आज विज्ञान और तकनीक के बिना सामान्य जीवन की कल्पना भी संभव नहीं है। सुबह से रात तक की दिनचर्या में विज्ञान और तकनीक की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है, जिससे जीवन अधिक सरल, गतिशील और सुविधाजनक बनता है। बिहार की सांस्कृतिक विरासत को बड़ी पहचान: नालंदा की बावन बूटी, गया स्टोन क्राफ्ट और भोजपुर की पिढ़िया पेंटिंग को मिला GI टैग उन्होंने बताया कि कॉलेजों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए गए हैं, जहां पढ़ाई की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। इसका परिणाम यह है कि संबंधित पाठ्यक्रमों की मांग लगातार बढ़ रही है। समावेशी शिक्षा का लाभ बच्चों को मिल रहा है और वे तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार महिलाओं और बच्चियों को 33 प्रतिशत आरक्षण दे रही है, जिससे महिला सशक्तिकरण की दिशा में क्रांतिकारी परिवर्तन हो रहा है। इसके कारण बिहार देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य के निर्माण की आधारशिला यही विभाग है और आने वाले समय में बिहार का युवा तकनीक के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएगा। जेपीयू मोबिल कांड: छात्र नेता विशाल सिंह की गिरफ्तारी पर भड़का शोध छात्र संगठन
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पटना, 29 अप्रैल (हि.स.)। बिहार में पढ़ाई के लिए छात्रों के पलायन में भारी कमी आई है। अब राज्य में ही विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है, जिससे उन्हें बेहतर रोजगार के अवसर भी प्राप्त हो रहे हैं। यह बातें राज्य के उपमुख्यमंत्री सह विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बुधवार को पटना स्थित संवाद कक्ष में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कही।
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उन्होंने कहा कि राज्य में शीघ्र ही मंत्री परिषद का विस्तार होगा। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यों और नीतियों को नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ कार्य कर रहे हैं। तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद शिक्षा सहित सभी क्षेत्रों में उल्लेखनीय विकास हुआ है। पहले उच्च शिक्षा के लिए छात्र-छात्राओं को राज्य से बाहर जाना पड़ता था, जिससे बिहार का पैसा और संसाधन बाहर जाते थे, लेकिन अब यह स्थिति काफी हद तक बदल चुकी है।
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उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के हर इलाके में बच्चे पढ़ रहे हैं और आगे बढ़ रहे हैं। हजारों छात्र-छात्राएं प्रति वर्ष इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक की पढ़ाई कर रहे हैं तथा रोजगार के योग्य बन रहे हैं। सात निश्चय योजना के तहत बनाई गई नीतियों के सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से सामने आ रहे हैं और युवा बेहतर नौकरियां प्राप्त कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग कॉलेजों और पॉलिटेक्निक संस्थानों की संख्या बढ़ने से अब बच्चे घर के पास ही कम खर्च में पढ़ाई कर पा रहे हैं। इससे अभिभावकों को भी काफी राहत और संतोष मिल रहा है।
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उपमुख्यमंत्री ने कहा कि विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग का जीवन के हर क्षेत्र में व्यापक प्रभाव पड़ रहा है। आज विज्ञान और तकनीक के बिना सामान्य जीवन की कल्पना भी संभव नहीं है। सुबह से रात तक की दिनचर्या में विज्ञान और तकनीक की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है, जिससे जीवन अधिक सरल, गतिशील और सुविधाजनक बनता है।
उन्होंने बताया कि कॉलेजों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए गए हैं, जहां पढ़ाई की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। इसका परिणाम यह है कि संबंधित पाठ्यक्रमों की मांग लगातार बढ़ रही है। समावेशी शिक्षा का लाभ बच्चों को मिल रहा है और वे तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बिहार सरकार महिलाओं और बच्चियों को 33 प्रतिशत आरक्षण दे रही है, जिससे महिला सशक्तिकरण की दिशा में क्रांतिकारी परिवर्तन हो रहा है। इसके कारण बिहार देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य के निर्माण की आधारशिला यही विभाग है और आने वाले समय में बिहार का युवा तकनीक के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएगा।
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