Chhapra: आदर्श चुनाव आचार संहिता उल्लंघन के मामले में छपरा स्थित सांसद–विधायक (एमपी–एमएलए) विशेष न्यायालय ने पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह तथा उनके निजी सचिव एवं उस समय के चुनाव अभिकर्ता डॉ. जीतेन्द्र कुमार सिंह को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है।
यह मामला वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव से जुड़ा था। प्रशासन की ओर से आरोप लगाया गया था कि सारण समाहरणालय के समीप चुनाव के नामांकन के दौरान बांस से की गई बैरिकेटिंग को तोड़ा गया, जिसमें पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह और उनके निजी सचिव की संलिप्तता बताई गई थी।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष आरोपों के समर्थन में ठोस साक्ष्य प्रस्तुत करने में असफल रहा। न्यायालय ने उपलब्ध अभिलेखों और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद यह निष्कर्ष निकाला कि आरोप प्रमाणित नहीं हो सके। इसी आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया।
अदालत के इस फैसले के बाद पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह एवं डॉ. जीतेन्द्र कुमार सिंह को बड़ी राहत मिली है।








