पटना, 04 अगस्त (हि.स.)। बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के गौनाहा प्रखंड में भारत-नेपाल सीमा से सटे सहोदरा गांव के युवाओं ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए तमसा नदी के तेज बहाव में फंसे 11 श्रद्धालुओं की जान बचा ली। युवाओं ने मानव श्रृंखला बनाकर सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित नदी से बाहर निकाल लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। दरअसल, उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले के पनियारा क्षेत्र से 11 श्रद्धालुओं का एक दल नेपाल स्थित वाल्मीकि आश्रम में दर्शन-पूजन के लिए गया था। दर्शन के बाद लौटते समय लगातार बारिश के कारण तमसा नदी उफान पर थी। नदी पार करने के दौरान अचानक तेज बहाव में श्रद्धालुओं का संतुलन बिगड़ गया और सभी बीच धारा में फंस गए। जदयू अध्यक्ष, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री मोदी से की मुलाकात श्रद्धालुओं की चीख-पुकार सुनकर वाल्मीकि आश्रम से लौट रहे सहोदरा क्षेत्र के करीब आधा दर्जन युवाओं ने बिना अपनी जान की परवाह किए नदी में छलांग लगा दी। युवाओं ने मानव श्रृंखला बनाकर एक-एक श्रद्धालु को सुरक्षित किनारे तक पहुंचाया। उनकी तत्परता, साहस और सूझबूझ के चलते बड़ा हादसा टल गया। शिमला में छह करोड़ रुपये के चिट्टे की डिलीवरी देने आया हरियाणा का 22 वर्षीय तस्कर गिरफ्तार बचाए गए श्रद्धालुओं में तीन पुरुष, पांच महिलाएं और तीन बच्चे शामिल हैं। सुरक्षित बाहर निकलने के बाद सभी श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली और युवाओं के साहस की सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त किया। श्रद्धालुओं ने कहा कि यदि समय पर मदद नहीं मिलती तो बड़ा हादसा हो सकता था। नोएडा में डिजिटल अरेस्ट, ब्लैकमेल और फर्जी निवेश से लाखों की ठगी इधर, लगातार बारिश के कारण तमसा नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है। स्थानीय लोगों और प्रशासन ने श्रद्धालुओं तथा ग्रामीणों से अपील की है कि तेज बहाव के दौरान नदी पार करने से बचें और अत्यंत आवश्यक होने पर पूरी सावधानी बरतें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
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पटना, 04 अगस्त (हि.स.)। बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के गौनाहा प्रखंड में भारत-नेपाल सीमा से सटे सहोदरा गांव के युवाओं ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए तमसा नदी के तेज बहाव में फंसे 11 श्रद्धालुओं की जान बचा ली। युवाओं ने मानव श्रृंखला बनाकर सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित नदी से बाहर निकाल लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
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दरअसल, उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले के पनियारा क्षेत्र से 11 श्रद्धालुओं का एक दल नेपाल स्थित वाल्मीकि आश्रम में दर्शन-पूजन के लिए गया था। दर्शन के बाद लौटते समय लगातार बारिश के कारण तमसा नदी उफान पर थी। नदी पार करने के दौरान अचानक तेज बहाव में श्रद्धालुओं का संतुलन बिगड़ गया और सभी बीच धारा में फंस गए।
श्रद्धालुओं की चीख-पुकार सुनकर वाल्मीकि आश्रम से लौट रहे सहोदरा क्षेत्र के करीब आधा दर्जन युवाओं ने बिना अपनी जान की परवाह किए नदी में छलांग लगा दी। युवाओं ने मानव श्रृंखला बनाकर एक-एक श्रद्धालु को सुरक्षित किनारे तक पहुंचाया। उनकी तत्परता, साहस और सूझबूझ के चलते बड़ा हादसा टल गया।
बचाए गए श्रद्धालुओं में तीन पुरुष, पांच महिलाएं और तीन बच्चे शामिल हैं। सुरक्षित बाहर निकलने के बाद सभी श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली और युवाओं के साहस की सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त किया। श्रद्धालुओं ने कहा कि यदि समय पर मदद नहीं मिलती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
इधर, लगातार बारिश के कारण तमसा नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है। स्थानीय लोगों और प्रशासन ने श्रद्धालुओं तथा ग्रामीणों से अपील की है कि तेज बहाव के दौरान नदी पार करने से बचें और अत्यंत आवश्यक होने पर पूरी सावधानी बरतें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
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