नई दिल्ली: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल ने मंगलवार को कांवड़ यात्रा के लिए कांवड़ समितियों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या, उन्हें पर्याप्त सुविधा देने और शिविरों के संचालन पर बढ़ते खर्च को देखते हुए सरकार ने सभी श्रेणियों के कांवड़ शिविरों की अनुदान राशि में वृद्धि का निर्णय लिया है। साथ ही कांवड़ समितियों को पहले की तरह 1,200 यूनिट तक मुफ्त बिजली की सुविधा भी मिलती रहेगी। कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, 20,000 वर्गफुट से अधिक क्षेत्र में 6 से 12 दिन तक संचालित होने वाले बड़े कांवड़ शिविरों को अब अधिकतम 15 लाख रुपये तक की सहायता मिलेगी, जबकि अन्य सभी श्रेणियों के शिविरों की अनुदान राशि में भी बढ़ोतरी की गई है। सीबीआई ने नीट पेपर लीक केस में चार्जशीट दाखिल की, इसमें 13 आरोपितों के नाम मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का उद्देश्य कांवड़ समितियों को पर्याप्त सहयोग देकर श्रद्धालुओं के लिए बेहतर, सुरक्षित और सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना है। बढ़ती महंगाई और यात्रा के विस्तार को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। शिक्षकों को बीएलओ बनाया जा सकता है लेकिन उन पर अनावश्यक दबाव न हो: हाई कोर्ट सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, सिंगल विंडो व्यवस्था, सफाई, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, मोबाइल शौचालय, निर्बाध बिजली आपूर्ति, सुरक्षा और यातायात प्रबंधन की व्यवस्थाएं पहले की तरह जारी रहेंगी ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। दिल्ली में महिलाओं को रक्षा बंधन से हर महीने मिलेंगे 2500 रुपये
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नई दिल्ली: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल ने मंगलवार को कांवड़ यात्रा के लिए कांवड़ समितियों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या, उन्हें पर्याप्त सुविधा देने और शिविरों के संचालन पर बढ़ते खर्च को देखते हुए सरकार ने सभी श्रेणियों के कांवड़ शिविरों की अनुदान राशि में वृद्धि का निर्णय लिया है। साथ ही कांवड़ समितियों को पहले की तरह 1,200 यूनिट तक मुफ्त बिजली की सुविधा भी मिलती रहेगी।
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कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, 20,000 वर्गफुट से अधिक क्षेत्र में 6 से 12 दिन तक संचालित होने वाले बड़े कांवड़ शिविरों को अब अधिकतम 15 लाख रुपये तक की सहायता मिलेगी, जबकि अन्य सभी श्रेणियों के शिविरों की अनुदान राशि में भी बढ़ोतरी की गई है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का उद्देश्य कांवड़ समितियों को पर्याप्त सहयोग देकर श्रद्धालुओं के लिए बेहतर, सुरक्षित और सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना है। बढ़ती महंगाई और यात्रा के विस्तार को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, सिंगल विंडो व्यवस्था, सफाई, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, मोबाइल शौचालय, निर्बाध बिजली आपूर्ति, सुरक्षा और यातायात प्रबंधन की व्यवस्थाएं पहले की तरह जारी रहेंगी ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
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