नई दिल्ली, 24 जुलाई (हि.स.)। नीट पेपर लीक मामले को लेकर 26 दिनों से जारी अनिश्चितकालीन अनशन काे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने समाप्त कर दिया। यह निर्णय केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और परमाणु ऊर्जा विभाग तथा अंतरिक्ष विभाग में राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ हुई लंबी बातचीत के बाद लिया। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक वीडियो संदेश जारी कर पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और इस मुद्दे पर कैबिनेट स्तर पर बड़े फैसले का भरोसा दिया था। अनशन समाप्त होने के बाद सोनम वांगचुक ने कहा कि यह फैसला व्यापक बातचीत और देश में किसी भी प्रकार की हिंसा की आशंका को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। उन्होंने बताया कि विभिन्न राजनीतिक दलों के करीब 65 सांसदों ने भी उनसे मुलाकात कर या पत्र लिखकर अनशन समाप्त करने का अनुरोध किया था। वांगचुक ने कहा कि उनके इस निर्णय के पीछे कुछ महत्वपूर्ण शर्तें हैं, जिनकी जानकारी वह जल्द ही एक अलग वीडियो के माध्यम से साझा करेंगे। साथ ही उन्होंने अपने समर्थकों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखने और किसी भी तरह की हिंसा से दूर रहने की अपील की। इस दौरान जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह की सफदरजंग अस्पताल में सोनम वांगचुक से मुलाकात का वीडियो भी सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, सरकार और आंदोलनकारियों के बीच कई दौर की बातचीत के बाद कई अहम बिंदुओं पर सहमति बनी। प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने के सरकारी आश्वासन ने भी अनशन समाप्त कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एसएसपी ने की जनसुनवाई, फरियादियों की समस्याएं सुनकर त्वरित कार्रवाई का दिया निर्देश सोनम वांगचुक ने 28 जून को उन छात्रों और युवाओं के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी, जो प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करना, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू करना शामिल था। लगातार उपवास के कारण 18 जुलाई को उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। डॉक्टरों की सलाह और अदालत के निर्देश पर दिल्ली पुलिस उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराकर इलाज के लिए ले गई थी। सारण में होटल, लॉज और हॉस्टलों की सघन जांच, बिना पहचान पत्र कमरा देने पर होगी कार्रवाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने वीडियो संदेश और साेशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर किए गए पोस्ट में कहा कि “पेपर लीक के खिलाफ और सख्त कदम कल की कैबिनेट बैठक में उठाए जाएंगे।” प्रधानमंत्री के इस आश्वासन के बाद आंदोलन के समाधान की दिशा में सकारात्मक माहौल बना और देर रात सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त करने की घोषणा कर दी। इसके पूर्व केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सोनम वांगचुक के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा था कि मैं सोनम जी से आग्रह करता हूं कि वे डॉक्टरों की सलाह के अनुसार अपनी दिनचर्या रखें और जल्द से जल्द अपना पुराना वजन फिर से प्राप्त करें। मैं प्रभु से प्रार्थना करता हूं कि सोनम जी स्वस्थ रहें। बिहार के 10 जिलों में बारिश को लेकर मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी
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नई दिल्ली, 24 जुलाई (हि.स.)। नीट पेपर लीक मामले को लेकर 26 दिनों से जारी अनिश्चितकालीन अनशन काे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने समाप्त कर दिया। यह निर्णय केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और परमाणु ऊर्जा विभाग तथा अंतरिक्ष विभाग में राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ हुई लंबी बातचीत के बाद लिया। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक वीडियो संदेश जारी कर पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और इस मुद्दे पर कैबिनेट स्तर पर बड़े फैसले का भरोसा दिया था।
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अनशन समाप्त होने के बाद सोनम वांगचुक ने कहा कि यह फैसला व्यापक बातचीत और देश में किसी भी प्रकार की हिंसा की आशंका को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। उन्होंने बताया कि विभिन्न राजनीतिक दलों के करीब 65 सांसदों ने भी उनसे मुलाकात कर या पत्र लिखकर अनशन समाप्त करने का अनुरोध किया था। वांगचुक ने कहा कि उनके इस निर्णय के पीछे कुछ महत्वपूर्ण शर्तें हैं, जिनकी जानकारी वह जल्द ही एक अलग वीडियो के माध्यम से साझा करेंगे। साथ ही उन्होंने अपने समर्थकों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखने और किसी भी तरह की हिंसा से दूर रहने की अपील की।
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इस दौरान जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह की सफदरजंग अस्पताल में सोनम वांगचुक से मुलाकात का वीडियो भी सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, सरकार और आंदोलनकारियों के बीच कई दौर की बातचीत के बाद कई अहम बिंदुओं पर सहमति बनी। प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने के सरकारी आश्वासन ने भी अनशन समाप्त कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सोनम वांगचुक ने 28 जून को उन छात्रों और युवाओं के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी, जो प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करना, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू करना शामिल था।
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लगातार उपवास के कारण 18 जुलाई को उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। डॉक्टरों की सलाह और अदालत के निर्देश पर दिल्ली पुलिस उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराकर इलाज के लिए ले गई थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने वीडियो संदेश और साेशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर किए गए पोस्ट में कहा कि “पेपर लीक के खिलाफ और सख्त कदम कल की कैबिनेट बैठक में उठाए जाएंगे।” प्रधानमंत्री के इस आश्वासन के बाद आंदोलन के समाधान की दिशा में सकारात्मक माहौल बना और देर रात सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त करने की घोषणा कर दी।
इसके पूर्व केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सोनम वांगचुक के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा था कि मैं सोनम जी से आग्रह करता हूं कि वे डॉक्टरों की सलाह के अनुसार अपनी दिनचर्या रखें और जल्द से जल्द अपना पुराना वजन फिर से प्राप्त करें। मैं प्रभु से प्रार्थना करता हूं कि सोनम जी स्वस्थ रहें।
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