Chhapra: जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने मंगलवार को जिला स्थापना शाखा का औचक निरीक्षण कर कार्यालय की कार्यप्रणाली, अभिलेख संधारण और लंबित मामलों की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालय को व्यवस्थित रखने, शत-प्रतिशत बॉयोमेट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा संचिकाओं को समय पर प्रस्तुत करने को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने उपस्थिति पंजी और सीएल पंजी का अवलोकन किया। इस दौरान पाया गया कि सीएल पंजी अद्यतन नहीं है। इस पर उन्होंने संबंधित कर्मियों को अविलंब इसे अपडेट करने का निर्देश दिया।
समीक्षा में यह भी सामने आया कि विभागीय कार्यवाही के संचालन से जुड़े कुल 16 मामले प्रक्रियाधीन हैं, जिनमें कुछ मामले कई वर्षों से लंबित हैं। जिलाधिकारी ने सभी मामलों में विभागीय कार्यवाही की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया। जिन मामलों में आरोपी कर्मी फरार या लापता हैं, उनमें निर्धारित प्रक्रिया के तहत समाचार पत्रों में नोटिस प्रकाशित कराकर विभागीय कार्यवाही का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही जिन संचालन पदाधिकारियों के पास विभागीय कार्यवाही के मामले लंबित हैं, उन्हें स्मारित करने का भी निर्देश दिया गया।
जिलाधिकारी ने विभागीय कार्यवाही से संबंधित मामलों के लिए अलग से पंजी संधारण करने को कहा। साथ ही विभागीय कार्यवाही से जुड़ी संचिका प्रस्तुत करने में विलंब होने पर संबंधित लिपिक से स्पष्टीकरण मांगा गया।
निरीक्षण के दौरान स्थापना शाखा में लिपिकों के कार्य आवंटन की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कार्य आवंटन को पुनरीक्षित कर संशोधित आदेश जारी करने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त उन्होंने आगत पंजी, निर्गत पंजी, सेवांत लाभ पंजी तथा लिपिकों के लॉगबुक का भी अवलोकन किया और संचिकाओं के निष्पादन की स्थिति में सुधार लाने का स्पष्ट निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने शाखा के पुराने अभिलेखों को नियमानुसार अभिलेखागार में जमा करने अथवा विधिवत निस्तारित करने का निर्देश दिया। साथ ही पुराने फर्नीचर की विधिवत स्क्रैप नीलामी कर आवश्यकतानुसार नए फर्नीचर की खरीद के लिए अधियाचना भेजने को कहा।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि स्थापना शाखा कार्यालय एक मॉडल कार्यालय के रूप में दिखना चाहिए। इसके लिए उन्होंने स्थापना उपसमाहर्ता को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।














