Chhapra: लगातार हो रही बारिश एवं नदियों के बढ़ते जलस्तर के मद्देनजर जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आपदा संबंधी समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासनिक तैयारियों एवं तटबंधों की निगरानी की समीक्षा की गई।
बैठक में पानापुर, तरैया, अमनौर, मकेर, परसा, दरियापुर एवं सोनपुर सहित गंडक नदी के तटवर्ती प्रखंडों के पदाधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया। नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में अच्छी बारिश तथा वाल्मीकिनगर बैराज में बढ़ते जलस्तर के मद्देनजर आगामी 24 से 36 घंटे में इसके संभावित प्रभाव को देखते हुए सभी संबंधित पदाधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने को कहा गया।
जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि
- तटवर्ती प्रखंडों एवं पंचायतों में 24 घंटे सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए।
- नदी किनारे एवं तटबंध से सटे पंचायतों में माइकिंग के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार कराकर लोगों को सतर्क एवं जागरूक किया जाए।
- जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर प्रशासन की तैयारियों की जानकारी दी जाए तथा आम लोगों को अनावश्यक रूप से भयभीत नहीं होने के लिए जागरूक किया जाए।
- संभावित जलभराव की स्थिति में प्रभावित लोगों के सुरक्षित निष्क्रमण की पूर्व योजना तैयार रखते हुए चिन्हित विद्यालयों एवं अन्य सुरक्षित भवनों में आश्रय स्थल तथा कम्युनिटी किचन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
- विकास मित्र, आवास सहायक एवं अन्य स्थानीय कर्मियों को आवश्यकतानुसार 24 घंटे प्रतिनियुक्त किया जाए तथा स्थानीय चौकीदारों को भी सतर्क रखा जाए।
- सभी तटबंधों की लगातार निगरानी की जाए। कहीं भी सीपेज, रिसाव अथवा तटबंध में क्षति दिखाई देने पर तत्काल जल संसाधन विभाग को सूचित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
- एसडीओ मढ़ौरा एवं एसडीओ सोनपुर से क्षेत्र की स्थिति की जानकारी लेते हुए उन्हें लगातार चौकसी बनाए रखने का निर्देश दिया गया।
- मकेर क्षेत्र में पूर्व में जिन लगभग 8–10 घरों के लोगों को सुरक्षित स्थान पर निष्क्रमित कराया गया था, वहां वर्तमान जलस्तर की जानकारी लेने का निर्देश सदर डीसीएलआर को दिया गया।
- मगरपाल चरकी में सड़क क्षतिग्रस्त होने की सूचना पर कार्यपालक अभियंता को तत्काल स्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने एवं आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि संभावित जलस्तर वृद्धि को देखते हुए किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो तथा स्थानीय सूचना तंत्र को पूरी तरह सक्रिय रखा जाए। किसी भी आकस्मिक स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए सभी विभाग आवश्यक तैयारियों के साथ पूरी तरह अलर्ट रहें।

















