गुवाहाटी: असम में बाढ़ से अभी भी पांच जिलों की 136203 आबादी प्रभावित है। इस बीच तीन और शव मिले हैं। इस बार विनाशकारी बाढ़ ने ऊपरी असम के मुख्य रूप से चार जिलों में कहर बरपाया है। शिवसागर जिले के बाढ़ प्रभावित लोगों के दिलों में अब भी इसकी टीस उभर रही है। राज्य सरकार प्रभावितों की हर संभव मदद के लिए विभिन्न प्रकार के अभियान चला रही है। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा दो अगस्त को चार दिवसीय ऊपरी असम के दौरे पर पहुंचे। ग्राउंड जीरो पर मुख्यमंत्री समस्याओं को समझने की कोशिश कर रहे हैं। असम सरकार के मंत्री भी बाढ़ प्रभावित इलाकों में बचाव कार्यों की मानिटरिंग कर सरकारी मदद त्वरित गति से मुहैया कराने में जुटे हुए हैं। मढ़ौरा में युवक की गोली मारकर हत्या, ग्रामीणों ने किया सड़क जाम बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित ऊपरी असम के चार जिलों शिवसागर, चराईदेव, जोरहाट और गोलाघाट हैं। उसमें भी सबसे बुरा हाल शिवसागर जिले का है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के दो अगस्त के आंकड़ों के अनुसार धनसिरि नदी (नुमलीगढ़) इलाके में खतरे के निशान से अभी भी ऊपर बह रही है। रविवार को शिवसागर जिले से तीन और लोगों के शव बरामद हुए। इस तरह बाढ़ से राज्य में मृतकों की कुल संख्या 85 पहुंच गई है। शिवसागर जिले में ही 2 लोगों के गायब होने की जानकारी आपदा विभाग ने दी है। छपरा इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्रों का धरना-प्रदर्शन बाढ़ से पांच जिलों के 21 राजस्व मंडलों के कुल 335 गांवों की कुल 136203 आबादी अभी भी प्रभावित हैं एवं 15422 हेक्टेयर कृषि भूमि पानी में डूबी हुई है। प्रभावित जिलों में गोलाघाट, जोरहाट, शिवसागर, चराईदेव एवं धेमाजी शामिल हैं। सरकार ने 39 राहत शिविर एवं 15 राहत वितरण केंद्र स्थापित किए हैं। राहत शिविरों में 10844 लोग आश्रय लिए हुए हैं। बाढ़ से बड़े पैमाने पर सड़क, पुल एवं अन्य आधारभूत ढांचे को नुकसान पहुंचा है। Bakipur ByPoll Result | बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर ने भाजपा प्रत्याशी को 19,324 मतों से हराया
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गुवाहाटी: असम में बाढ़ से अभी भी पांच जिलों की 136203 आबादी प्रभावित है। इस बीच तीन और शव मिले हैं। इस बार विनाशकारी बाढ़ ने ऊपरी असम के मुख्य रूप से चार जिलों में कहर बरपाया है। शिवसागर जिले के बाढ़ प्रभावित लोगों के दिलों में अब भी इसकी टीस उभर रही है। राज्य सरकार प्रभावितों की हर संभव मदद के लिए विभिन्न प्रकार के अभियान चला रही है।
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मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा दो अगस्त को चार दिवसीय ऊपरी असम के दौरे पर पहुंचे। ग्राउंड जीरो पर मुख्यमंत्री समस्याओं को समझने की कोशिश कर रहे हैं। असम सरकार के मंत्री भी बाढ़ प्रभावित इलाकों में बचाव कार्यों की मानिटरिंग कर सरकारी मदद त्वरित गति से मुहैया कराने में जुटे हुए हैं।
बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित ऊपरी असम के चार जिलों शिवसागर, चराईदेव, जोरहाट और गोलाघाट हैं। उसमें भी सबसे बुरा हाल शिवसागर जिले का है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के दो अगस्त के आंकड़ों के अनुसार धनसिरि नदी (नुमलीगढ़) इलाके में खतरे के निशान से अभी भी ऊपर बह रही है। रविवार को शिवसागर जिले से तीन और लोगों के शव बरामद हुए। इस तरह बाढ़ से राज्य में मृतकों की कुल संख्या 85 पहुंच गई है। शिवसागर जिले में ही 2 लोगों के गायब होने की जानकारी आपदा विभाग ने दी है।
बाढ़ से पांच जिलों के 21 राजस्व मंडलों के कुल 335 गांवों की कुल 136203 आबादी अभी भी प्रभावित हैं एवं 15422 हेक्टेयर कृषि भूमि पानी में डूबी हुई है। प्रभावित जिलों में गोलाघाट, जोरहाट, शिवसागर, चराईदेव एवं धेमाजी शामिल हैं। सरकार ने 39 राहत शिविर एवं 15 राहत वितरण केंद्र स्थापित किए हैं। राहत शिविरों में 10844 लोग आश्रय लिए हुए हैं। बाढ़ से बड़े पैमाने पर सड़क, पुल एवं अन्य आधारभूत ढांचे को नुकसान पहुंचा है।
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