25 पंचायतों के 102 गांव प्रभावित, 15,400 लोगों का कराया गया निष्क्रमण; 20 चिकित्सा शिविर एवं चार एनडीआरएफ/एसडीआरएफ टीमें तैनात
Chhapra: गंडक नदी में जलप्लावन के कारण सारण जिले के सात प्रखंड प्रभावित हुए हैं। उपलब्ध अद्यतन रिपोर्ट के अनुसार जिले में कुल 25 पंचायतों के 102 गांव जलप्लावन से प्रभावित हैं। प्रभावित क्षेत्रों में करीब 1,70,025 आबादी तथा 36,250 परिवारों पर इसका असर पड़ा है। जलस्तर एवं परिस्थितियों को देखते हुए अब तक 15,400 लोगों का सुरक्षित स्थानों पर निष्क्रमण कराया गया है।
प्रशासन के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है। लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने तथा राहत कार्यों के लिए नावों का परिचालन कराया जा रहा है। आवश्यकता के अनुसार विभिन्न प्रभावित क्षेत्रों में नावों की उपलब्धता और परिचालन सुनिश्चित किया जा रहा है।
20 चिकित्सा शिविर संचालित
जलप्लावन प्रभावित लोगों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कुल 20 चिकित्सा शिविर संचालित किए जा रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से प्रभावित आबादी को आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की लगातार निगरानी की जा रही है।
राहत केंद्रों में भोजन की व्यवस्था
प्रभावित आबादी के लिए राहत केंद्रों एवं सामुदायिक रसोई के माध्यम से भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही जरूरतमंद परिवारों के बीच भोजन के पैकेट एवं सूखा राशन पैकेट का वितरण भी जारी है। जलप्लावन से प्रभावित परिवारों के लिए पॉलीथिन शीट उपलब्ध कराई जा रही है तथा उसका वितरण भी किया जा रहा है। जिला स्तर पर पॉलीथिन शीट का पर्याप्त भंडार उपलब्ध बताया गया है।
पशुओं के लिए भी राहत एवं चिकित्सा
प्रभावित पशुओं की सुरक्षा एवं चिकित्सा के लिए पशु चिकित्सा शिविर संचालित किए जा रहे हैं। पशुओं के लिए चारा उपलब्ध कराने तथा उसके वितरण की कार्रवाई भी लगातार जारी है। प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है।
चार एनडीआरएफ-एसडीआरएफ टीमें तैनात
राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की कुल चार टीमें तैनात की गई हैं। इन टीमों के साथ जिला प्रशासन की टीमें भी प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हैं।
पानापुर, तरैया, अमनौर, मकेर, परसा, दरियापुर एवं सोनपुर प्रखंडों में प्रभावित पंचायतों एवं गांवों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जलस्तर एवं स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य संचालित किए जा रहे हैं।
जिला प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में सतत निगरानी, आबादी का निष्क्रमण, राहत सामग्री का वितरण, सामुदायिक रसोई का संचालन, चिकित्सा सुविधा, पशु चिकित्सा तथा पशु चारा की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। संबंधित पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखते हुए आवश्यकता के अनुसार तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।


















