Chhapra: सारण जिले में गंडक नदी के जलस्तर एवं बाढ़ की वर्तमान स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी एवं राहत कार्य संचालित किए जा रहे हैं। दिनांक 30.09.2026 को अपराह्न 4 बजे तक की बाढ़ स्थिति रिपोर्ट के अनुसार जिले के 18 पंचायतों के 48 गांव प्रभावित हैं। इन क्षेत्रों की अनुमानित प्रभावित आबादी 24,725 है तथा लगभग 4,220 परिवार प्रभावित हैं।
जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव के निर्देशानुसार सभी संबंधित पदाधिकारियों द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। आवश्यकतानुसार राहत एवं बचाव कार्यों के लिए संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
राहत एवं बचाव कार्य जारी
वर्तमान स्थिति के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में 5 चिकित्सा शिविर, 33 नावें तथा एक बोट एंबुलेंस उपलब्ध/संचालित हैं। पशु चिकित्सा के लिए भी शिविर की व्यवस्था की गई है। राहत कार्यों के लिए 1 राहत केंद्र संचालित हैं, जहां 50 आश्रयार्थी रह रहे हैं। इसके अतिरिक्त 3 NDRF/SDRF टीमें भी उपलब्ध हैं।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन द्वारा लगातार आवश्यकतानुसार कार्रवाई की जा रही है। प्रभावित परिवारों के बीच 950 पॉलीथिन शीट का वितरण भी किया गया है।
14 सामुदायिक रसोई से 5,000 लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था
बाढ़ प्रभावित लोगों को समय पर भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पानापुर, तरैया, अमनौर, मकेर एवं परसा प्रखंडों में सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। उपलब्ध अद्यतन सूची के अनुसार कुल 14 सामुदायिक रसोई संचालित हैं, जिनके माध्यम से लगभग 5,000 लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई है।
प्रखंडवार सामुदायिक रसोई की स्थिति इस प्रकार है—
पानापुर — 2 सामुदायिक रसोई
तरैया — 3 सामुदायिक रसोई, चंचलिया, माधोपुर एवं भटगाई में
अमनौर — 1 सामुदायिक रसोई
मकेर — 5 सामुदायिक रसोई, बाघाकोल, कस्बा मकेर, भाथा, पीर मकेर एवं तरैया अमनौर क्षेत्र में
परसा — 3 सामुदायिक रसोई
उपलब्ध सूची में सामुदायिक रसोई के माध्यम से भोजन प्राप्त करने वाले लाभार्थियों की कुल संख्या 5,000 अंकित है।
जिला प्रशासन द्वारा निर्देश दिया गया है कि बाढ़ प्रभावित लोगों तक भोजन, राहत सामग्री, चिकित्सा सुविधा एवं अन्य आवश्यक सहायता समय पर उपलब्ध कराई जाए। जलस्तर एवं स्थानीय परिस्थितियों में होने वाले परिवर्तन पर लगातार नजर रखते हुए आवश्यकतानुसार राहत एवं बचाव कार्यों को और विस्तारित किया जाएगा।
जिला प्रशासन द्वारा आम लोगों से अपील की गई है कि वे घबराएं नहीं, प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा नदी एवं तटबंध के संवेदनशील क्षेत्रों में अनावश्यक आवागमन से बचें। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन को सूचना दें।


















