Chhapra: सारण जिले के लोदीपुर चिरांद गांव में शनिवार को स्वर्गीय रणधीर की 18वीं पुण्यतिथि श्रद्धा और भावनात्मक माहौल के बीच मनाई गई। गांव स्थित उनकी आदमकद प्रतिमा पर परिजनों, ग्रामीणों एवं समर्थकों ने पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान पूरे गांव का वातावरण गमगीन हो उठा।
ग्रामीणों ने बताया कि रणधीर अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे। बचपन से ही उनका स्वभाव मिलनसार और समाजसेवा के प्रति समर्पित था, जिसके कारण वे गांव और आसपास के लोगों के बीच काफी लोकप्रिय थे। उनके असमय निधन ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था।
जानकारी के अनुसार, 18 वर्ष पूर्व लोकसभा मतगणना में शामिल होने के लिए जाते समय एक सड़क दुर्घटना में उनकी दर्दनाक मौत हो गई थी। इस हादसे ने परिवार के साथ-साथ पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया था।
पुण्यतिथि कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि रणधीर भले आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन समाज के प्रति उनका समर्पण और उनकी यादें आज भी लोगों के दिलों में जीवित हैं। गांव में स्थापित उनकी आदमकद प्रतिमा नई पीढ़ी को प्रेरित करने का कार्य कर रही है।


















