नई दिल्ली: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) पेपर लीक मामले में 13 आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। नीट पेपर लीक मामले की सुनवाई के लिए गठित फास्ट ट्रैक कोर्ट की जज अनु ग्रोवर बलिगा इसकी सुनवाई करेंगी। इन आरोपितों के नाम यश यादव, मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल, विकास बिवाल, शुभम खैरनार, धनंजय लोखंडे, प्रहलाद कुलकर्णी, तेजस हर्षद कुमार, डॉ. मनोज शिरुरे, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, मनीषा वाघमारे, मनीषा मंधारे और मनीषा संजय हवलदार हैं। यह सभी अभी न्यायिक हिरासत में हैं। सीबीआई ने इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 315(5), 318(4), 61(2), 238, 303(2), भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 13(2) और 13(1)(ए) और पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट की धारा 10 ,धारा 3, 4, 5 और 11 के तहत एफआईआर दर्ज की थी। शिक्षकों को बीएलओ बनाया जा सकता है लेकिन उन पर अनावश्यक दबाव न हो: हाई कोर्ट नीट पेपर लीक मामले की सुनवाई के लिए गठित फास्ट ट्रैक कोर्ट में पहले दिन 27 जुलाई को सुनवाई टल गई थी। दिल्ली उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय ने इस फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन का आदेश दिया था। उन्होंने इस कोर्ट में जज अनु ग्रोवर बलिगा को नियुक्त किया है। यह कोर्ट पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मिन्स) एक्ट के तहत दर्ज मामलों की करेगी। दिल्ली में महिलाओं को रक्षा बंधन से हर महीने मिलेंगे 2500 रुपये तीन मई को हुई नीट के प्रश्न पत्र लीक होने के आरोपों के बाद इस परीक्षा को निरस्त कर दिया गया था और 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई थी। केंद्र सरकार ने इस मामले की सीबीआई जांच का आदेश दिया था। केंद्र सरकार ने चीनी की स्टॉक लिमिट तय की, नये नियम 1 अगस्त से लागू होंगे
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नई दिल्ली: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) पेपर लीक मामले में 13 आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। नीट पेपर लीक मामले की सुनवाई के लिए गठित फास्ट ट्रैक कोर्ट की जज अनु ग्रोवर बलिगा इसकी सुनवाई करेंगी।
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इन आरोपितों के नाम यश यादव, मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल, विकास बिवाल, शुभम खैरनार, धनंजय लोखंडे, प्रहलाद कुलकर्णी, तेजस हर्षद कुमार, डॉ. मनोज शिरुरे, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, मनीषा वाघमारे, मनीषा मंधारे और मनीषा संजय हवलदार हैं। यह सभी अभी न्यायिक हिरासत में हैं। सीबीआई ने इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 315(5), 318(4), 61(2), 238, 303(2), भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 13(2) और 13(1)(ए) और पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट की धारा 10 ,धारा 3, 4, 5 और 11 के तहत एफआईआर दर्ज की थी।
नीट पेपर लीक मामले की सुनवाई के लिए गठित फास्ट ट्रैक कोर्ट में पहले दिन 27 जुलाई को सुनवाई टल गई थी। दिल्ली उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय ने इस फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन का आदेश दिया था। उन्होंने इस कोर्ट में जज अनु ग्रोवर बलिगा को नियुक्त किया है। यह कोर्ट पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मिन्स) एक्ट के तहत दर्ज मामलों की करेगी।
तीन मई को हुई नीट के प्रश्न पत्र लीक होने के आरोपों के बाद इस परीक्षा को निरस्त कर दिया गया था और 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई थी। केंद्र सरकार ने इस मामले की सीबीआई जांच का आदेश दिया था।
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