नई दिल्ली: संस्कार भारती कला संकुल के आकर्षक सभागार में मां सरस्वती के संध्या पूजन से पूर्व भारतेन्दु कुमार के मार्गदर्शन में बिहार के कलाकारों द्वारा लोक रंग की प्रस्तुति की गई।
कार्यालय सचिव अशोक तिवारी, दक्षिण बिहार के प्रांतीय महामंत्री संजय कुमार पोद्दार, संगोष्ठी संयोजक श्रुति सिंह, माह के संयोजक मृत्युंजय के द्वारा दीप प्रज्वलन से कार्यक्रम का आरम्भ हुआ।

सामूहिक ध्येय गीत के उपरांत, प्रथम प्रस्तुति चांदनी शुक्ला के द्वारा माता के मैथिली भजन का हुआ जिसके बाद उन्होंने मैथिली में ही एक झूमर की प्रस्तुति दी। इसके बाद अमित कुंवर के द्वारा मां सरस्वती के भजन पर भाव नृत्य प्रस्तुत किया गया।
लोकनृत्यों की श्रृंखला में पहली प्रस्तुति पूर्णिया की आकांक्षा निशु, दीप्रिया, रिंकल, आस्था के द्वारा झिझिया की प्रस्तुति से हुआ, जिसके बाद प्रसिद्ध लोक नर्तक उदय सिंह एवं श्रुति मेहता के द्वारा जट जटटीन की प्रस्तुत किया गया, श्रुति, प्रतीक्षा, राजनंदनी, शांभवी के द्वारा समा चकेबा की प्रस्तुति हुई, इसके बाद इन्हीं दो समूह के द्वारा झूमर और कजरी भी प्रस्तुति किया गया।
कार्यक्रम के अंत में सभी कलाकारों को अखिल भारतीय संगठन मंत्री अभिजीत गोखले एवं अशोक तिवारी के द्वारा अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया। धन्यवाद ज्ञापन श्रुति सिंह ने किया। कार्यक्रम का समापन मां सरस्वती के आरती से किया गया।







