सारण, 12 मार्च (हि.स.)। समाहरणालय सभागार में जनगणना कार्य के द्वितीय बैच का तीन दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला शुरू हुई। इसमें नगरीय, ग्रामीण और विशेष क्षेत्रों के कुल 150 लिपिक, तकनीकी सहायक एवं कार्यपालक सहायक भाग ले रहे हैं।
कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए जिलाधिकारी सह प्रधान जिला जनगणना अधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने कहा कि इस बार की जनगणना भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना होगी, जिसे त्रुटि रहित संपन्न करना हम सबकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिलाधिकारी ने प्रशिक्षण की महत्ता पर जोर देते हुए कहा जनगणना एक राष्ट्रीय महापर्व है और यह भविष्य की योजनाओं का आधार बनती है। इसका मूल मंत्र है कोई भी व्यक्ति छूटे नहीं और किसी का दोहरीकरण न हो।
उन्होंने कर्मियों को निर्देश दिया कि वे थ्योरी के साथ-साथ प्रैक्टिकल और हैंडस्ऑन पर विशेष ध्यान दें ताकि फील्ड कार्य और पोर्टल प्रबंधन के बीच सटीक समन्वय बना रहे। कार्यशाला में बताया गया कि जनगणना दो चरणों में होगी। पहले चरण में अप्रैल से मई के बीच मकानसूचीकरण एवं मकान गणना का कार्य संपन्न किया जाएगा। इसके लिए विशेष पोर्टल सीएमएमएस और एचएलबीसी ऐप का उपयोग होगा। इस बार सेल्फ गणना का भी विकल्प दिया गया है, जिससे नागरिक स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।
प्रशिक्षण के दौरान पटना से आईं स्टेट मास्टर ट्रेनर अदिती आनंद व जुली कुमारी ने पोर्टल संचालन का लाइव डेमो दिया। प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिदिन सत्र के अंत में 30 प्रश्नों की ऑनलाइन जांच परीक्षा ली जा रही है। मौके पर अपर समाहर्ता मुकेश कुमार, डीआईओ तारणी कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।















