पटना/छपरा: छपरा की विधायक छोटी कुमारी ने एक बार फिर बिहार विधानसभा में छपरा नगर निगम की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
उन्होंने सदन में सफाई व्यवस्था की बदहाल स्थिति की ओर सरकार का ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा कि वर्ष 2022-23 में सफाई बजट 40 लाख रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 1 करोड़ 40 लाख रुपये प्रतिमाह कर दिया गया, इसके बावजूद शहर में गंदगी व्याप्त है।
बजट बढ़ा, लेकिन हालात जस के तस
विधायक ने कहा कि बजट में भारी वृद्धि के बाद भी जमीनी स्तर पर अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा है। छोटी कुमारी ने यह भी आरोप लगाया कि काली सूची (ब्लैकलिस्ट) में दर्ज एजेंसी का चयन गंभीर प्रश्न खड़े करता है। उन्होंने आशंका जताई कि इससे वित्तीय अनियमितताओं की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि शहर में गंदगी को लेकर जनता का आक्रोश बढ़ रहा है, जिसका सीधा प्रभाव सांसद और विधायक पर पड़ता है।
उच्चस्तरीय जांच की मांग
विधायक ने सदन से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की, ताकि बजट व्यय, एजेंसी चयन और सफाई कार्यों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
गौरतलब है कि विधायक छोटी कुमारी इससे पूर्व भी नगर निगम की व्यवस्थाओं को लेकर सदन में सवाल उठा चुकी हैं। उनके द्वारा दोबारा यह मुद्दा उठाए जाने के बाद एक बार फिर से स्थानीय राजनीति गरमा गई है।







