नई दिल्ली, 03 फ़रवरी (हि.स.)। भाजपा विधायक और मणिपुर विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष युमनाम खेमचंद सिंह को मंगलवार को सर्वसम्मति से राज्य में पार्टी विधायकों का नेता चुना गया है। इसके साथ ही वे अब मणिपुर के नए मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। राज्य में पिछले एक साल से राष्ट्रपति शासन है।
दिल्ली में पार्टी विधायकों की बैठक के बाद भाजपा नेता सिंह को नेता चुना गया। बाद में केंद्रीय पर्यवेक्षक तरुण चुघ ने पारंपरिक पटका पहनाकर उनका स्वागत किया। इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह, मणिपुर प्रदेश अध्यक्ष अधिकारिमयूम शारदा देवी और पूर्वोत्तर के प्रभारी संबित पात्रा भी मौजूद रहे।
चुघ ने एक्स पोस्ट में कहा, “वाई खेमचंद सिंह को मणिपुर में भारतीय जनता पार्टी विधायक दल का नेता चुने जाने पर हार्दिक बधाई। मैं उनके सफल एवं प्रभावशाली कार्यकाल के लिए अपनी शुभकामनाएं व्यक्त करता हूं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सक्षम मार्गदर्शन और दूरदर्शी नेतृत्व में उनका व्यापक अनुभव, अटूट प्रतिबद्धता और सशक्त नेतृत्व पार्टी को और अधिक मजबूत करेगा तथा मणिपुर की जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने में सहायक सिद्ध होगा।”
पिछले साल फरवरी में जातीय हिंसा से ग्रस्त मणिपुर में तात्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए राष्ट्रपति शासन लगाया गया था और बाद में इसे छह माह आगे बढ़ाया गया था।
राज्य में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच जातीय संघर्ष में हजारों लोग विस्थापित और सैकड़ों लोग मारे गए थे।
मणिपुर की राजनीति में गहरी पैठ रखने वाले अनुभवी राजनेता युमनाम खेमचंद सिंह इंफाल पश्चिम जिले के सिंगजामेई विधानसभा क्षेत्र से दो बार मणिपुर विधानसभा के सदस्य रह चुके हैं। उन्होंने 2017 और 2022 दोनों विधानसभा चुनावों में जीत हासिल की।
युमनाम खेमचंद बहुसंख्यक मैतेई समुदाय से हैं। सूत्रों के मुताबिक उनके साथ सरकार में दो उपमुख्यमंत्री बनाए जाएंगे। एक कुकी ज़ो समुदाय और एक नागा समुदाय से हो सकता है।








