Patna: बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति, स्वास्थ्य विभाग का एक दिवसीय कार्यशाला “आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन बिहार कॉन्क्लेव 2.0” का विधिवत शुभारंभ माननीय स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय द्वारा किया गया।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस कॉन्क्लेव का मुख्य लक्ष्य है कि राज्य में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु भावी कार्ययोजना एवं रणनीति पर विभिन्न हितधारकों के साथ विचार-विमर्श करना है, ताकि आम नागरिकों को बेहतर, सरल और पारदर्शी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। श्री पांडेय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में डिजिटल स्वास्थ्य सेवा अब केवल शहरों तक नहीं बल्कि ग्रामीण इलाकों तक पहुंच रहा है। आम जनों तक स्वास्थ्य सेवाओं और दवाओं की उपलब्धता की जानकारी सुलभ हो रही है।
श्री पांडेय ने कहा कि स्कैन एंड शेयर प्रणाली के अंतर्गत 5.26 करोड़ से अधिक टोकन का निर्माण कर बिहार ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया है, राज्य में अब तक 6.11 करोड़ आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) आईडी बनाई जा चुकी है। जिससे बिहार देश में चौथे स्थान पर है, वहीं 6.17 करोड़ से अधिक इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड तैयार कर राज्य राष्ट्रीय स्तर पर तृतीय स्थान पर पहुंच गया है। मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना के अंतर्गत संचालित “भव्या” परियोजना को ग्लोबल डिजिटल हेल्थ समिट (जीडीएचएस) 2024 में इनोवेशन अवार्ड से सम्मानित किया गया है। हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री (एचपीआर) के तहत 47,786 स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं तथा हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री (एचएफआर) के तहत 29,288 स्वास्थ्य संस्थानों का पंजीकरण किया जा चुका है, जबकि डिजिटल हेल्थ इंसेंटिव स्कीम (डीएचआईएस) के अंतर्गत 7,835 सरकारी अस्पताल पंजीकृत हैं तथा इस योजना के तहत 37.60 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि का क्लेम किया गया है, जो देश में सर्वाधिक है।
श्री पांडेय ने कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के माध्यम से बिहार के स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक और ऐतिहासिक परिवर्तन हो रहा है तथा राज्य डिजिटल हेल्थ सेवाओं में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी भूमिका निभा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा अन्य राज्यों के प्रतिनिधियों को बिहार भेजा जा रहा है, ताकि वे यहां लागू डिजिटल हेल्थ मॉडल का अध्ययन कर सकें। यह राज्य के लिए गौरव का विषय है। डिजिटल हेल्थ इंसेंटिव स्कीम के तहत संस्थानों को प्रोत्साहन राशि का भुगतान भी तेजी से किया जा रहा है। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने कहा कि बिहार अब केवल योजनाओं का सहभागी राज्य नहीं, बल्कि डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं में देश का नेतृत्व करने वाले राज्यों में शामिल हो चुका है। आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) के माध्यम से अब मरीजों को कागजी जांच रिपोर्ट और पर्चियों का बंडल लेकर अस्पताल-दर-अस्पताल भटकने की आवश्यकता नहीं होगी।
बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी शशांक शेखर सिन्हा ने कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत नागरिकों को आभा आईडी के माध्यम से डिजिटल हेल्थ पहचान प्रदान की जा रही है, जिससे उनके स्वास्थ्य अभिलेख सुरक्षित एवं डिजिटल रूप से उपलब्ध हो रहे हैं। इस अवसर पर लोकेश कुमार सिंह, सचिव, स्वास्थ्य विभाग, हिमांशु शर्मा, विशेष सचिव, स्वस्थ्य विभाग, विक्रम पगारिया, संयुक्त सचिव, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण, शशांक शेखर सिन्हा, मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति, श्रीमती शेरिंग वाई भूटिया, विशेष सचिव, स्वास्थ्य विभाग, वैभव चौधरी, कार्यपालक निदेशक, राज्य आयुष समिति, सुमित कुमार, परियोजना निदेशक, बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति, डॉ. सहजानंद प्रसाद सिंह, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, राजेश कुमार, प्रशासी पदाधिकारी, राज्य स्वास्थ्य समिति, शैलेश चन्द्र दिवाकर, प्रशासी पदाधिकारी, बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति के साथ सभी जिलों के सिविल सर्जन एवं बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति के राज्य एवं जिला स्तरीय पदाधिकारी तथा कर्मी मौजूद रहें।








