– बिहार में उद्योग कॉरिडोर व डिफेंस कॉरिडोर से सृजित होंगे नए अवसर
पटना, 17 जनवरी (हि.स.)। बिहार में बीते पांच वर्षों के दौरान 50 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार दिया गया है और अब राज्य सरकार ने एक करोड़ नौकरी व रोजगार सृजन का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए प्रदेश में उद्योगों का व्यापक नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। यह बातें उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को मोतिहारी के गांधी मैदान में समृद्धि यात्रा के दौरान आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहीं।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बिहार में देश की सबसे बेहतर औद्योगिक नीति लागू की गई है। राज्य में उद्योग कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है, वहीं रोजगार सृजन को और गति देने के लिए डिफेंस कॉरिडोर भी विकसित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 से पहले शहरी क्षेत्रों में चार से पांच घंटे ही बिजली मिल पाती थी, लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में आज बिहार के हर गांव और शहर में 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। सरकार द्वारा एक करोड़ 90 लाख परिवारों को 125 यूनिट मुफ्त बिजली दी जा रही है, जो बदले हुए बिहार का प्रतीक है।
सम्राट चौधरी ने कहा कि पूर्वी चंपारण के कैथवलिया स्थित विराट रामायण मंदिर में दुनिया का सबसे बड़ा सहस्रलिंगम स्थापित किया गया है। सरकार इस क्षेत्र के समग्र विकास के लिए चाहरदीवारी, सड़क और अन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण की दिशा में काम करेगी।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के विकास के लिए जनता ने जो जनादेश दिया है, उसके लिए सरकार आभारी है। मोतिहारी की जनता ने 11 में से 10 सीटों पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को समर्थन दिया है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपने सभी वादों को पूरा करेगी और समृद्धि यात्रा के माध्यम से समृद्ध बिहार की नींव को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कभी बिहार का बजट मात्र 06 हजार करोड़ रुपये हुआ करता था, जो अब बढ़कर 3.17 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
सम्राट चौधरी ने कहा कि अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर, मोतिहारी में विराट रामायण मंदिर के निर्माण के बाद अब सीतामढ़ी के पुनौराधाम में मां जानकी की जन्मस्थली पर भव्य जानकी मंदिर का निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार में विकास के साथ-साथ धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण भी प्राथमिकता के साथ किया जा रहा है।








