Karwa Chauth 2026: करवा चौथ का त्योहार हर साल हिंदू महिलाओं के लिए बेहद खास माना जाता है। यह दिन पति की लंबी उम्र और उनके अच्छे स्वास्थ्य के लिए मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ निरजल व्रत रखती हैं, यानी पानी भी नहीं पीती। व्रत के दौरान महिलाएं करवा माता की पूजा करती हैं और शाम को चांद को देखकर ही व्रत खोलती हैं। यह दिन पति-पत्नी के रिश्ते में प्यार और विश्वास को मजबूत करने का प्रतीक माना जाता है। हर साल कार्तिक महीने की कृष्ण पक्ष की चौथी तिथि को यह त्योहार मनाया जाता है।
करवा चौथ 2026: तारीख और समय
इस साल करवा चौथ का व्रत 29 अक्टूबर 2026 को रहेगा।
चतुर्थी तिथि (कृष्ण पक्ष, कार्तिक मास) की शुरुआत: 29 अक्टूबर, सुबह 04:28 बजे
चतुर्थी तिथि का अंत: 30 अक्टूबर, रात्रि 02:11 बजे
पवित्र समय पूजा के लिए: सुबह 06:24 बजे से शाम 05:35 बजे तक
चांद निकलने का समय: शाम 07:47 बजे
करवा चौथ 2026 का महत्व
हिंदू धर्म में करवा चौथ पति-पत्नी के प्रेम और विश्वास का प्रतीक माना जाता है। इस दिन महिलाओं का व्रत न केवल पति की लंबी उम्र के लिए होता है बल्कि उनके वैवाहिक जीवन में खुशहाली और सुख-शांति की कामना भी की जाती है। इस साल कुछ विशेष ज्योतिषीय योग बन रहे हैं, जैसे परीघ योग, रोहिणी नक्षत्र और इन समयों में करवा माता की पूजा करने से व्रती को सौभाग्य और अच्छे परिणाम की प्राप्ति मानी जाती है।
व्रत के दौरान ध्यान देने योग्य बातें
- पूजा करने के बाद संकल्प लें और व्रत शुरू करें।
- व्रत के दौरान किसी से बहस या झगड़ा न करें।
- किसी के बारे में गलत विचार न करें।
- गलती से भी काले कपड़े न पहनें।
- घर और मंदिर की साफ-सफाई का खास ध्यान रखें।
- व्रत केवल चांद देखकर ही तोड़ें।
करवा चौथ की पूजा और दान
इस दिन महिलाएं करवा माता की पूजा करती हैं और व्रत कथा सुनती हैं। पूजा के बाद, खुशहाली और वैवाहिक सुख बनाए रखने के लिए इत्र, केसर, सिंदूर और लाल चुनरी का दान करना चाहिए। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इन चीजों का दान करने से जीवन में सुख-शांति और वैवाहिक सौभाग्य बढ़ता है।
करवा चौथ न केवल एक व्रत है, बल्कि यह पति-पत्नी के प्रेम और विश्वास का प्रतीक भी है। 29 अक्टूबर 2026 को यह त्योहार विशेष ज्योतिषीय योगों के साथ मनाया जाएगा। इस दिन पूरी भक्ति, श्रद्धा और धैर्य के साथ व्रत रखने से वैवाहिक जीवन में खुशहाली और जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति होती है।
ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
ज्योतिष वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ
8080426594/9545290847



















