Breaking News

लोकतंत्र में विचारों का मतभेद स्वाभाविक, लेकिन संविधान के प्रति प्रतिबद्धता सर्वोपरि होनी चाहिए: उपराष्ट्रपति

CT Bihar Desk
4 Min Read
खबर सुनें
▶ Press play to listen

गयाजी, 11 जुलाई (हि.स.)। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने शनिवार को कहा कि लोकतंत्र में विचारों का मतभेद स्वाभाविक है, लेकिन संविधान और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता सर्वोपरि होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए बिहार का समग्र विकास अत्यंत आवश्यक है और विकसित बिहार के बिना विकसित भारत की कल्पना अधूरी है।

SHAILFORD
विज्ञापन

गयाजी स्थित बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान (बिपार्ड) में 18वीं बिहार विधानसभा के नवनिर्वाचित सदस्यों के लिए आयोजित दो दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने विधायकों से जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक दलों के बीच मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन जनता की सेवा और विकास के मुद्दों पर सभी जनप्रतिनिधियों को मिलकर कार्य करना चाहिए।

RC Jewellers
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि बिहार का देश के इतिहास में गौरवशाली योगदान रहा है। स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आपातकाल के विरोध में चले “दूसरे आजादी के आंदोलन” तक बिहार ने राष्ट्रीय राजनीति को नई दिशा दी। उपराष्ट्रपति ने बताया कि आपातकाल के दौरान वे एक कॉलेज छात्र के रूप में लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व वाले आंदोलन से जुड़े थे और उस दौर के अनुभवों ने उनके सार्वजनिक जीवन और राजनीतिक सोच को गहराई से प्रभावित किया।

AND PUBLIC SCHOOL
विज्ञापन

राधाकृष्णन ने कहा कि बिहार ने देश को अनेक महान व्यक्तित्व दिए हैं। भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद, लोकनायक जयप्रकाश नारायण और जननायक कर्पूरी ठाकुर जैसे नेताओं ने अपना पूरा जीवन समाज के वंचित और गरीब वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे महान नेताओं के आदर्श आज भी जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

Tanishq Chhapra
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि चुनाव राजनीतिक दलों के आधार पर लड़े जाते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होने के बाद सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों की पहली जिम्मेदारी जनता के हितों की रक्षा और राज्य के विकास के लिए मिलकर काम करना है। सदन में विचार अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन संविधान सभी का साझा मार्गदर्शक है और उसी की भावना के अनुरूप विधायी कार्य होना चाहिए।

SOLANKI SCHOOL
विज्ञापन

उपराष्ट्रपति ने विधायी कार्यों को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने में आधुनिक तकनीक की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में जनप्रतिनिधियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) सहित नई तकनीकों की जानकारी रखना आवश्यक है। उन्होंने अनुभवी विधायकों से भी बदलती तकनीक के अनुरूप स्वयं को निरंतर अपडेट रखने का आग्रह किया, ताकि विधानमंडल की कार्यप्रणाली और अधिक प्रभावी बन सके।

उल्लेखनीय है कि उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने गयाजी स्थित बिपार्ड में 18वीं बिहार विधानसभा के सदस्यों के लिए आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

हमारे सोशल मीडिया अकाउंट को फॉलो करें -

bhawani tiles
विज्ञापन
Share This Article
Follow:
chhapratoday.com सारण जिले से संचालित सबसे पहली और लोकप्रिय न्यूज़ वेबसाइट है। वर्ष 2012 से यह अपने पाठकों/दर्शकों तक हर दिन सबसे पहले छपरा, सारण से लेकर देश, विदेश के ब्रेकिंग न्यूज़, लोकल घटनाएं, रेलवे टाइमिंग अपडेट, सरकारी योजनाएं, स्कूल-कॉलेज जानकारी, ट्रेंडिंग वीडियो, संस्कृति, त्यौहार और शहर के विकास से जुड़े हर अपडेट करती आ रही है। हर खबर, सबसे पहले, सबसे सटीक और विश्वसनीयता के साथ केवल chhapratoday.com पर पढ़ें।भौगोलिक संदर्भ
ब्रेकिंग न्यूज़ अलर्ट छपरा की हर बड़ी खबर सबसे पहले पाएं
WhatsApp जॉइन करें जॉइन करें