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सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में स्वदेशी संकल्प दौड़ का हुआ आयोजन

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Chhapra: विद्या भारती विद्यालय सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के द्वारा स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय युवा दिवस के परिपेक्ष्य में विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति के उपाध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद यादव ने आज स्वदेशी संकल्प दौड़ को झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं में देशभक्ति, आत्मनिर्भरता और स्वदेशी भावनाओं को भरना है। यह दौड़ विद्यालय के प्रधानाचार्य विनोद कुमार के मार्गदर्शन में कार्यक्रम प्रमुख राकेश कुमार उपाध्याय की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।

यह दौड़ विद्यालय से लेकर शहर के विभिन्न भागों से गुजरते हुए वापस विद्यालय पर संपन्न हुई। इस दौड़ में विद्यालय के प्रबंधकारिणी समिति के उपाध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद यादव, सचिव सुरेश प्रसाद सिंह, प्रधानाचार्य विनोद कुमार, आचार्य राजेश कुमार ,राजेश कुमार पाठक, मीडिया प्रभारी अनिल कुमार आजाद, मणि भूषण सिंह, जय प्रकाश द्विवेदी, संतोष कुमार, नीलू सिंह, स्वाति, इंदु कुमारी ,गीतांजलि, प्राची ,रिचा गुप्ता, अंजली कुमारी, आशुतोष कुमार चौधरी, प्रकाश कुमार ,विशाल कुमार सिंह, सतीश कुमार गुप्ता तथा अन्य आचार्य बंधु,भगिनी के साथ-साथ विद्यालय के भैया बहनों एवं कर्मचारी गणों की सहभागिता रही।

यह दौड़ शहर के विभिन्न भागों से गुजरते हुए विद्यालय प्रांगण में एकत्रित होकर सभा के रूप में परिवर्तित हो गया, इसके बाद स्वामी विवेकानंद जयंती समारोह प्रारंभ हुआ। इस समारोह का आरंभ विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति के उपाध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद यादव, सचिव सुरेश प्रसाद सिंह, प्रधानाचार्य विनोद कुमार द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।

कार्यक्रम का संचालन मनीष कुमार सिंह द्वारा किया गया। आचार्य संतोष कुमार ने स्वामी विवेकानंद की जीवनी,व्यक्तित्व, एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विवेकानंद ने हिंदुत्व को एक वैश्विक स्तर पर एक पहचान दी। भारत सरकार ने 1984 में स्वामी विवेकानंद जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस घोषित किया था क्योंकि उन्होंने युवा शक्ति को राष्ट्र निर्माण का सबसे बड़ा स्तंभ माना था। आचार्या संगीता कुमारी ने स्वामी विवेकानंद जयंती के परिपेक्ष में “स्वदेशी संकल्प दौड़” के मुख्य उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वदेशी मूल्यों,राष्ट्रीय गौरव और स्वामी विवेकानंद की शाश्वत शिक्षाओं का प्रसार करना है। साथ ही भारतीय युवा पीढ़ी को भारतीय उत्पाद अपनाने, स्थानीय उद्यमिता को प्रोत्साहन देने और आत्मनिर्भर भारत की भावना को सुदृढ़ करने के लिए प्रेरित करना है| विद्यालय प्रबंध कारिणी समिति के सचिव सुरेश प्रसाद सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि युवा ही देश की सबसे बड़ी ताकत हैं और ऐसा आयोजन उनमें ऊर्जा,अनुशासन, देशभक्ति की भावनाओं को प्रबल महसूस करना है। कार्यक्रम का समापन शांति मंत्र से हुआ।

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