Chhapra: अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल, मस्तीचक स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस परिसर में साइट फॉर ऑल कॉन्क्लेव 2026 का सफल आयोजन किया गया। यह राष्ट्रीय स्तर का पब्लिक आई हेल्थ सीएमई अखंड ज्योति इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिटी ऑप्थैल्मोलॉजी द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें देशभर से नेत्र-विशेषज्ञों, अस्पताल प्रमुखों, जनस्वास्थ्य विशेषज्ञों एवं प्रबंधन नेताओं ने भाग लिया।
इस कॉन्क्लेव में 30 से अधिक नेत्र संस्थानों के 300 से ज्यादा प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही, जिसने इसे एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मंच बना दिया। इस वर्ष का मुख्य विषय कम्युनिटी केयर ऐज़ मार्केट इंटेलिजेंस: एन्हैंसिंग पेशेंट एक्विज़िशन इन आई केयर सिस्टम था
कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण और वंचित समुदायों में नेत्र-स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, समय पर उपचार की प्रवृत्ति विकसित करना तथा सुलभ और गुणवत्तापूर्ण सेवाओं तक लोगों की पहुँच सुनिश्चित करना था।
कॉन्क्लेव में देश के प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे AIIMS Delhi, Shankar Netralaya, Aravind Eye Care System, Sankara Eye Foundation India तथा Sitapur Eye Hospital के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
इस अवसर पर डॉ. राजवर्धन आज़ाद, प्रो. जी.वी.एस. मूर्ति, थुल्सीराज रविल्ला, डॉ. पार्थ बिस्वास, कर्नल डॉ. मधु भदौरिया, डॉ. कौशिक मुरली, डॉ. प्रवीण वशिष्ठ और डॉ. आर.आर. सुधीर सहित कई विशेषज्ञ मौजूद रहे।
दिनभर चले सत्रों में समुदाय-आधारित नेत्र सेवाओं, प्राथमिक स्तर की स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने, तकनीक और डेटा के उपयोग तथा दूरदराज़ क्षेत्रों तक सेवाएँ पहुँचाने पर विस्तृत चर्चा की गई।
कॉन्क्लेव का एक प्रमुख आकर्षण Restoring Vision के साथ हुआ एमओयू रहा। इस दौरान इयान रॉजर्स और डॉ. अजीत पोद्दार के बीच समझौता हुआ, जिसके तहत बिहार के गरीब और जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क रीडिंग चश्मा उपलब्ध कराया जाएगा।
विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि नेत्र-चिकित्सा को केवल अस्पतालों तक सीमित नहीं रखा जा सकता, बल्कि समुदाय स्तर पर जागरूकता, विश्वास निर्माण और नियमित जांच के माध्यम से ही अंधत्व एवं दृष्टिबाधा को कम किया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान यह भी रेखांकित किया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में हेल्थ सीकिंग बिहेवियर को बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि लोग समय पर जांच और उपचार के लिए आगे आएं।
अंत में आयोजकों ने कहा कि इस तरह के राष्ट्रीय मंच बिहार में नेत्र-स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देंगे और अधिक लोगों तक सस्ती, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार पहुँचाने में मदद करेंगे।

















