Chhapra: स्थानीय राज्य संपोषित सारण कमर्शियल एकेडेमी के सभागार में श्री चित्रगुप्त समिति की वार्षिक आमसभा-सह-होली मिलन समारोह का आयोजन उत्साह और गरिमा के साथ किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान चित्रगुप्त की वंदना एवं पारंपरिक होली गायन से हुई। अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष नागेंद्र कुमार वर्मा ने की, जबकि संरक्षक पुण्डरीक बिहारी सहाय एवं प्रो. डॉ. सुधा बाला ने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का विधिवत उद्घाटन किया।
विधायक और महापौर की गरिमामयी उपस्थिति
समारोह में स्थानीय विधायक छोटी कुमारी एवं नगर महापौर लक्ष्मी नारायण गुप्ता विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। दोनों अतिथियों ने समिति द्वारा किए जा रहे सामाजिक एवं शैक्षणिक कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से समाज में एकजुटता और आपसी सौहार्द बढ़ता है।
विधायक छोटी कुमारी एवं महापौर लक्ष्मी नारायण गुप्ता ने शहर में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी देते हुए पथ निर्माण से संबंधित समस्याओं के समाधान पर विस्तार से चर्चा की। उनकी उपस्थिति से समारोह का उत्साह दोगुना हो गया।
शिक्षा और समाज कल्याण हेतु महत्वपूर्ण निर्णय
आमसभा में शैक्षणिक उत्थान को प्राथमिकता देते हुए महासचिव विमल कुमार वर्मा ने वर्ष 2025-26 का आय-व्यय विवरण प्रस्तुत किया। सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि इस वर्ष 50 जरूरतमंद एवं मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी।
इस पुनीत कार्य के लिए भरत प्रसाद श्रीवास्तव एवं सामाजिक जनसेवक उत्तम कुमार ने आर्थिक सहयोग प्रदान किया। उत्तम कुमार ने कहा कि वे समिति एवं समाज के प्रत्येक सदस्य के लिए हर समय तत्पर रहेंगे।
नई उप-समितियों का गठन
संगठन को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से विभिन्न उप-समितियों का गठन एवं विस्तार किया गया:
- वित्त उपसमिति: राज सिन्हा, हरेश्वर कुमार श्रीवास्तव, अमोद कुमार वर्मा, नीरज कुमार श्रीवास्तव एवं प्रमोद कुमार वर्मा।
- शिक्षा उपसमिति: अनिवेश कुमार श्रीवास्तव एवं अमोद कुमार वर्मा।
- वार्ड गठन उपसमिति: उत्तम कुमार, उदय कुमार एवं राज सिन्हा।
कार्यक्रम में सुधांशु भूषण वर्मा, राकेश नारायण सिन्हा, प्रभाकर रंजन, मनीष रंजन, कोषाध्यक्ष हरिकिशोर श्रीवास्तव, सुभाष चंद्र भास्कर, शैलेन्द्र कुमार सिन्हा एवं प्रो. अशोक कुमार सहित सैकड़ों गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अंत में कार्यालय सचिव अरविंद कुमार वर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
समारोह के समापन पर होली के पारंपरिक गीतों और व्यंजनों के साथ उपस्थित लोगों ने आपसी प्रेम और सद्भाव का संदेश दिया।










