सारण, 12 मार्च (हि.स.)।पिछले दिनों जिला प्रशासन की बैठकों में लिए गए निर्णय धरातल पर उतरने से पहले ही दम तोड़ते नजर आ रहे हैं। ताज़ा मामला शहर के साढ़ा ओवरब्रिज का है जहाँ सरकार और जिला प्रशासन की सख्त मनाही के बावजूद खुले में मांस-मछली की बिक्री धड़ल्ले से जारी है।
यह स्थिति तब है जब हाल ही में 9 फरवरी 2026 को विकास भवन में उप विकास आयुक्त लक्ष्मण तिवारी ने पशु क्रूरता निवारण समिति की बैठक में अवैध मांस बिक्री पर कड़े प्रहार के निर्देश दिए थे। विकास भवन की बैठक में डीडीसी ने स्पष्ट रूप से कार्यपालक पदाधिकारियों और थानाध्यक्षों को समन्वय बनाकर खुले में मांस बिक्री पर रोक लगाने का जिम्मा सौंपा था। बैठक में नगर प्रबंधक और पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय भी मौजूद थे, लेकिन साढ़ा ओवरब्रिज के नीचे का नजारा बताता है कि इन अधिकारियों के निर्देशों का अधीनस्थ कर्मियों पर कोई असर नहीं है।
ओवरब्रिज के नीचे सजने वाली इन कथित रूप से अवैध दुकानों से निकलने वाली गंदगी और मांस के अवशेषों ने पूरे रास्ते को नारकीय बना दिया है। इसी मार्ग से होकर प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु मंदिरों की ओर जाते हैं, जिन्हें भारी दुर्गंध और गंदगी के बीच से गुजरना पड़ता है। हैरानी की बात यह है कि जिस मार्ग से दिन भर में दर्जनों बार पुलिस की पेट्रोलिंग गाड़ियां गुजरती हैं, वहां पुलिस केवल मूकदर्शक बनी रहती है। खुले में मांस मछली की बिक्री से होने वाली बीमारियां और सड़कों पर बढ़ती गंदगी स्वच्छ छपरा के दावों को मुंह चिढ़ा रही है। यदि समय रहते नगर निगम और स्थानीय थाना हरकत में नहीं आए तो प्रशासन की यह बैठक केवल कागजी खानापूर्ति बनकर रह जाएगी।















