Chhapra: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (NALSA)एवं मीडिएशन एंड कॉन्सीलिएशन प्रोजेक्ट कमेटी (MCPC) के तत्वावधान में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश –सह– अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार पुनीत कुमार गर्ग के दिशा निर्देश में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के बैठक कक्ष में प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय नम्रता तिवारी की अध्यक्षता में मीडिएशन फॉर द नेशन 2.0 अभियान को सफल बनाने के लिए आज बैठक की गई।
बैठक में मध्यस्थता समिति के समन्वयक संदीप कुमार पटेल, जिला न्यायाधीश सह अपर सत्र न्यायाधीश 17, अंबिका चौधरी जिला न्यायाधीश सह अपर सत्र न्यायाधीश 11, ब्रजेश कुमार सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार सारण, राकेश पाण्डेय प्रधान न्यायिक दंडाधिकारी किशोर न्याय बोर्ड –सह– प्रशिक्षित मध्यस्थ एवं अन्य सभी प्रशिक्षित मध्यस्थ, मध्यस्थता केन्द्र सारण उपस्थित रहे।
बैठक में प्रधान न्यायाधीश द्वारा अधिक से अधिक वादों को चिन्हित कर मध्यस्थो को रेफर करने एवं मध्यस्थता अभियान का अधिक से अधिक प्रचार प्रसार करने का निर्देश दिया गया।
यह एक 90 दिनों का विशेष राष्ट्रव्यापी अभियान है, जो लंबित मामलों को आपसी सुलह के ज़रिए शीघ्र निपटाने की दिशा में केंद्रित है। इसका उद्देश्य आम नागरिकों को न्यायिक समाधान की एक तेज़, सरल और सुलभ व्यवस्था प्रदान करना है।
इस अभियान के तहत मामलों की पहचान, पक्षकारों को सूचना देना, मामलों को मध्यस्थों को सौंपना, अदालतों की कॉज लिस्ट में विशेष रूप से “Special Mediation Drive 2.0” शीर्षक से। सूचीबद्ध करना ।
किन मामलों को शामिल किया जाएगा।
यह अभियान विभिन्न प्रकार के विवादों को कवर करता है, जिनमें समझौते की संभावना हो:–
- वैवाहिक विवाद
- सड़क दुर्घटना मुआवजा (मोटर एक्सीडेंट क्लेम)
- घरेलू हिंसा
- चेक बाउंस
- उपभोक्ता विवाद
- सुलहनीय आपराधिक मुकदमे
- उपभोक्ता विवादों के मामले
- ऋण वसूली से संबंधित मामले
- संपत्ति विभाजन से जुड़े मामले
- मकान मालिक संबंधी किरायेदारी विवाद मामले
- अन्य उपयुक्त सिविल मामलों के मुकदमे।
सुविधाएं और उपाय- पार्टियों की सुविधा के अनुसार, मध्यस्थता से समझौता कराने के प्रयास सप्ताह के सभी 7 दिनों में किए जाएंगे
- ऑनलाइन, ऑफलाइन और हाइब्रिड मोड में सहभागिता संभव
- आवश्यकता होने पर विषय विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी
- नागरिकों से आह्वान
” मीडिएशन फॉर द नेशन 2.0 अभियान आपसी समझ और समाधान की भावना को सशक्त करता है। इसमें शामिल होकर नागरिक लंबे मुकदमों से राहत, समय और धन की बचत, तथा शांतिपूर्ण समाधान का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।








