Chhapra: मद्य निषेध से संबंधित लंबित अधिहरण वाद, वाहन नीलामी एवं शराब विनष्टीकरण की प्रगति की जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने गहन समीक्षा की। बैठक में उन्होंने सभी मामलों के समयबद्ध निष्पादन को लेकर संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि अधिहरण वाद से संबंधित मामलों में अपर समाहर्त्ता के न्यायालय में 70, उप समाहर्ता भूमि सुधार सदर में 30, उप समाहर्ता भूमि सुधार सोनपुर में 73 तथा उप समाहर्ता भूमि सुधार मढ़ौरा में 48 मामले लंबित हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि एक माह के भीतर सभी लंबित मामलों का पूर्ण रूप से निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
वाहन नीलामी की स्थिति की समीक्षा करते हुए उन्होंने बताया कि वर्तमान में 256 वाहन नीलामी हेतु शेष हैं। इन वाहनों का मूल्यांकन प्रतिवेदन इस माह के अंत तक जिला परिवहन पदाधिकारी एवं मोटरयान निरीक्षक (एमवीआई) द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद फरवरी माह में एक साथ सभी वाहनों की नीलामी प्रक्रिया पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया है। वहीं, 62 वाहनों की नीलामी की प्रक्रिया को सहायक आयुक्त, मद्य निषेध द्वारा इसी माह पूरा करने को कहा गया है।
शराब विनष्टीकरण की प्रगति की समीक्षा में बताया गया कि लगभग 30,000 लीटर शराब के विनष्टीकरण हेतु प्रस्ताव प्राप्त हैं। इस संबंध में प्रभारी पदाधिकारी, विधि शाखा को निर्देश दिया गया कि वे एक सप्ताह के भीतर सभी संबंधित न्यायालयों से आवश्यक आदेश प्राप्त कर अग्रेतर कार्रवाई सुनिश्चित करें।
इसके अतिरिक्त, थाना स्तर से लगभग 22,000 लीटर शराब के विनष्टीकरण से संबंधित प्रस्ताव अब भी शेष हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि इन प्रस्तावों को अविलंब भेजते हुए शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि मद्य निषेध कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अधिहरण, नीलामी और विनष्टीकरण की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी। सभी संबंधित अधिकारी निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करना सुनिश्चित करें।








